मां की हत्या करने वाले बेटों को आजीवन कारावास
बुलंदशहर। गुलावठी थाना क्षेत्र के गांव अगवाना में 22 मार्च 2014 को शकुंतला देवी की हत्या के मामले में उनके बेटे दिनेश, गणेश व राजेश को न्यायालय ने दोषी माना है। न्यायालय ने तीनों को आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव मलिक ने बताया कि गुलावठी थाने पर 22 मार्च 2014 को गांव अगवाना के चौकीदार नरेश कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसमें उसने बताया था कि 22 मार्च की शाम दिनेश पुत्र महेश शर्मा ने अपनी मां शकुंतला देवी की फावड़े से काटकर हत्या कर दी। साथ ही साक्ष्य मिटाने के लिए मृतका के बेटे दिनेश ने अपने भाई गणेश और राजेश के साथ मिलकर शव के अंतिम संस्कार की तैयारी भी कर ली है। साथ ही मौके से अन्य साक्ष्य भी मिटाने की कोशिश की जा रही है। जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज की और मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। घटना के करीब एक महीने बाद जांच पूरी होने पर पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। मामले में अब न्यायालय ने दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों व साक्ष्यों का अवलोकन करते हुए आरोपियों को दोषी मानकर आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
पूर्व में की थी भाई की हत्या, नहीं दर्ज हुई थी रिपोर्ट
वादी मुकदमा नरेश कुमार चौकीदार ने पुलिस को बताया था कि आरोपी दिनेश ने इस वारदात से करीब आठ वर्ष पूर्व अपने भाई मुकेश की भी चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। इस हत्या का कारण जमीन का विवाद सामने आया था। हालांकि, इस प्रकरण में परिजनों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। परिजनों ने गुपचुप तरीके से शव का अंतिम संस्कार कर दिया था। बताया गया कि शकुंतला देवी की हत्या के दौरान भी विवाद हुआ था। जिसके बाद दिनेश ने फावड़े से वार कर शकुंतला की हत्या कर दी।