स्थाई गोशाला का निर्माण शुरू, 400 निराश्रित गोवंशों को मिलेगा आश्रय
सिकंदराबाद। जल्द ही नगर के 400 गोवंशों को पालिका की स्थाई गोशाला में आश्रय मिल जाएगा। पालिका की स्थाई गोशाला अत्याधुनिक होने के साथ ही सभी सुविधाओं से पूर्ण होगी। पालिका ने तहसील क्षेत्र के गांव कांवरा में गोशाला का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया है। गोशाला निर्माण का कार्य होली के बाद तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक पालिका निराश्रित गोवंशों के आश्रय के लिए भटपुरा रोड पर अस्थाई गोशाला का संचालन कर रही है।
ईओ संजीवनराम ने बताया कि निराश्रित गोवंशों को आश्रय उपलब्ध कराने के लिए नगर पालिका के प्रस्ताव पर शासन ने स्थाई गोशाला निर्माण के लिए 20 सितंबर 2019 को 1.65 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया था। गोशाला निर्माण के लिए गांव मुकंदगढ़ी में चिन्हित भूमि पर विवाद सामने आने के कारण गोशाला का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया जा सका था। उन्होंने तहसील प्रशासन को पालिका की गोशाला निर्माण के लिए किसी अन्य स्थान पर भूमि उपलब्ध कराने की मांग को लेकर पत्र लिखा था। उनके प्रस्ताव पर तहसील प्रशासन ने तहसील क्षेत्र के गांव कांवरा में गोशाला निर्माण के लिए ग्राम समाज की एक हेक्टेयर भूमि को चिन्हित किया था। चिन्हित भूमि के निरीक्षण के बाद पालिका के उक्त जमीन पर गोशाला निर्माण को मंजूरी के बाद प्रशासन ने उक्त भूमि को पालिका को स्थानांतरित कर दिया था। बताया कि टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से गोशाला निर्माण का ठेका दिया था। बताया कि ठेकेदार द्वारा गोशाला का निर्माण कराया प्रारंभ कर दिया गया है। चिन्हित भूमि पर मिट्टी भराव का कार्य किया जा रहा है। होली तक उक्त भूमि की चारदीवारी का कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया। चारदीवारी पूर्ण होने के साथ ही टीन शेड व अन्य कार्यों को पूर्ण किया जाएगा। बताया कि मार्च में पालिका की स्थाई गोशाला के विधिवत रूप से कार्य करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। पालिका की गोशाला में 400 छुट्टा गोवंशों को रखने की व्यवस्था की जाएगी। पालिका की गोशाला अत्याधुनिक होने के साथ ही सभी सुविधाओं से पूर्ण होगी। अन्य गोशालाओं के मुकाबले पालिका की गोशाला में चारे के लिए 30 के स्थान पर प्रतिदिन 100 रुपये खर्च किए जाएंगे। गोवंश पर 100 रुपये प्रतिदिन खर्च करने का प्रस्ताव पूर्व में ही बोर्ड बैठक में पास हो चुका है। इसमें 30 रुपये शासन से और 70 रुपये पालिका स्वयं वहन करेगी।
दुधारू गोवंशों का भी किया जाएगा पालन
पालिका में गोवंशों पर आने वाले खर्च को निकालने के लिए गोशाला में दुधारू गोवंशों का भी पालन किया जाएगा। यदि योजना सफल रही तो निराश्रित गोवंशों के रखरखाव के साथ ही पालिका की गोशाला को एक डेयरी उद्योग के रूप में विकसित किया जाएगा। दुधारू गोवंशों से प्राप्त होने वाली आय को पालिका के गोवंशों पर खर्च किया जाएगा। योजना सफल रही तो अन्य गोशालाओं में भी इसे लागू किया जाएगा।