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शिक्षिका पर बच्चों को जातिसूचक शब्द कहने का लगाया आरोप, हंगामा

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गांव गफूर गढ़ी के प्राथमिक विद्यालय में छात्रा से जानकारी करते बीएसए। अमर उजाला - फोटो : SIKANDRABAD
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शिक्षिका पर बच्चों को जातिसूचक शब्द कहने का लगाया आरोप, हंगामा
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सिकंदराबाद। तहसील क्षेत्र के गांव निवासियों ने प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका पर बच्चों को जाति सूचक शब्दों से अपमानित करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हंगामा कर रहे ग्रामीणों को समझाबुझाकर शांत किया। वहीं बीएसए ने भी मौके पर पहुंचकर बच्चों से बात कर घटना के बारे में जानकारी ली। बीएसए ने ग्रामीणों को जांच कर कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि उनका गांव एससी बाहुल्य है। गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय में 92 बच्चे अध्ययनरत हैं। विद्यालय में छह शिक्षक हैं। बताया कि विद्यालय की एक शिक्षिका बच्चों को जाति सूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित करती हैं। शिक्षिका का विद्यालय के अन्य शिक्षकों और स्टॉफ के प्रति भी व्यवहार अच्छा नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में प्रधान अध्यापिका और तहसील दिवस में शिकायत करने के बाद भी आरोपी शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से उसके हौसले बुलंद होते चले गए। और उसने बच्चों को जाति सूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित करना बदस्तूर जारी रखा। शिकायत के बाद भी आरोपी शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। अभिभावकों, ग्रामीणों ने आरोपी शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग को लेकर शनिवार को विद्यालय पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। और हंगामा कर रहे ग्रामीणों को समझाबुझाकर शांत कराया। वही बीएसए अखंड प्रताप सिंह भी मौके पर पहुंचे। और उन्होंने बच्चों से बात कर घटना के बारे में जानकारी ली।
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शिक्षिका द्वारा बच्चों को जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने की शिकायत पर मौके पर पहुंचकर जांच की गई। जांच के दौरान जाति सूचक शब्दों से अपमानित करने का मामला प्रकाश में नहीं आया। शिक्षिका का गलत बर्ताव किए जाना का मामला प्रकाश में आया है। वही उक्त शिक्षिका के खिलाफ पूर्व में चल रही जांच पर एबीएसए ने शिक्षिका के निलंबन की संस्तुति की है।
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- एबीएसए अखंड प्रताप सिंह
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शिक्षिका विद्यालय के बच्चों, साथी अध्यापकों, स्टॉफ के प्रति व्यवहार ठीक नहीं है। इस संबंध में कई बार अधिकारियों को लिखित शिकायत भी की गई। प्रधान अध्यापिका
हंगामे की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाबुझाकर शांत कराया। इस संबंध में कोई तहरीर नहीं मिली है।
-कोतवाल सुनील कुुमार सिंह
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