दहेज की खातिर महिलाओं का उत्पीड़न, घर से निकाला
सिकंदराबाद। दहेज की खातिर ससुरालियों ने विवाहिताओं पर अत्याचार कर उन्हें घर से निकाल दिया। पीड़िता और उनके परिजनों ने ससुरालियों के खिलाफ तहरीर दी है।
नगर के मोहल्ला रिसालदारान निवासी रफीक पुत्र रशीद ने बताया कि उसने दो वर्ष पूर्व अपनी बहन जैबा की शादी दिल्ली निवासी युवक से की थी। शादी में दस लाख रुपये दान दहेज में दिए थे। शादी के कुछ दिन बाद ही ससुरालिए फ्लैट खरीदने के लिए दस लाख रुपये नगद, कार की मांग को लेकर उसकी बहन को प्रताड़ित किया जाने लगा। मांग पूरी नहीं होने पर ससुरालियों ने उसकी बहन को कमरे में बंद कर बिजली के करंट के झटके लगाए। करंट लगाने के कारण वह मानसिक रूप से बीमार हो गई। 13 अक्तूबर को करंट लगाने के कारण वह बेहोश हो गई। पति ने फोन पर उसे जानकारी दी की उसकी बहन की तबीयत खराब हो गई है। जब वह उसकी ससुराल पहुंचा तो उसकी बहन की हालत गंभीर थी। उसने उसे उपचार के लिए बुलंदशहर अस्पताल में भर्ती कराया। गंभीर हालत चलते मेरठ भर्ती कराया गया अब दिल्ली रेफर कर दिया। कोतवाल सुनील कुमार सिंह ने बताया कि जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
वही कोतवाली क्षेत्र के गांव खैरपुर निवासी वर्षा ने बताया कि उसकी शादी 19 फरवरी 2018 में हरियाणा निवासी युवक से हुई थी। शादी के बाद से ही अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर पति और ससुरालिए प्रताड़ित कर रहे हैं। 16 अक्तूबर को पति औेर ससुरालियों ने पैर पर लोहे की रॉड से वार कर गंभीर घायल कर घर से निकाल दिया। पैर में चोट आने से वह चलने में असमर्थ है। दोबारा लौटने पर जान से मारने की धमकी दी। कोतवाल सुनील कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच कर जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।