16 गांवों को मॉडल बनाएगा कृषि विभाग, किसानों को मिलेगा अनुदान
बुलंदशहर। खेती-किसानी के प्रति लोगाें की रुचि के साथ किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि विभाग सभी 16 ब्लॉकों में एक-एक गांव को मॉडल के रूप में विकसित करेगा। शासन का निर्देश मिलने के बाद कृषि विभाग गांवों का चयन करने में जुटा है।
फसल उत्पादन में किसानों की लागत कम करने, अनावश्यक उर्वरक प्रयोग से होने वाली मृदा तत्वों की हानि रोकने और किसानों को जागरूक करने के लिए कृषि विभाग ने नई योजना पर काम शुरू किया है। योजना के तहत प्रत्येक ब्लॉक पर एक-एक गांव को मॉडल के रूप में तैयार किया जाएगा। कवायद सफल हो इसके लिए प्रदेश सरकार के निर्देश पर कृषि विभाग गांवों का चयन कर क्लस्टर प्रदर्शन के माध्यम से रबी, जायद व खरीफ सीजन में खेती कराते हुए किसानों को आधुनिक विधि से खेती में प्रोत्साहित करेगा। योजना सफल हो इसके लिए संयुक्त कृषि निदेशक ने कृषि उप निदेशक को पत्र भेजा है। पत्र में ब्लॉकवार मॉडल गांव का चयन करने, चयनित गांवों में जोत आधारित नमूने एकत्र कर गांव में वैज्ञानिक कृषक संवाद कार्यक्रम के साथ आधुनकि विधि से खेती कराते हुए किसानों की फसल उत्पादन को बढ़ाने का निर्देश दिया है। इसके अतिरिक्त चयनित गांवाें में मेला/प्रदर्शनी आयोजित कर किसानों को आधुनिक खेती के प्रति जागरूक करने को कहा गया है।
जिन 16 गांवों का चयन होगा, उनमें विभागीय योजनाओं में किसानों का चयन कर क्षेत्रीय पंजीकृत केंद्र से उर्वरक और कार्र्बनिक खाद, मृदा सुधारक, जैव उर्वरक व सूक्ष्म पोषक तत्वों के साथ कृषि व अन्य विभागीय योजनाआें के अनुदान से उन्हें लाभान्वित किया जाएगा।
उप कृषि निदेशक = संयुक्त कृषि निदेशक का पत्र मिलने के बाद सभी 16 ब्लॉकों से एक-एक गांव का चयन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। योजना के तहत चयनित मॉडल गांवों में रबी, खरीफ व जायद सीजन में कृशि मेेला/प्रदर्शनी का आयोजन करते हुए किसानों को जागरूक किया जाएगा। योजना से नियमित निगरानी के साथ कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी और आय बढ़ाने के लिए आवश्यकतानुसार उर्वरक के प्रयोग के प्रति किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा।