पानी के दबाव से टूटा गंगा बैराज के गेट नंबर 42 का फाटक
नरौरा। नरौरा गंगा बैराज के गेट नंबर 42 का फाटक क्षतिग्रस्त हो जाने पर सिंचाई विभाग की एक बड़ी लापरवाही समाने आई है। फाटक क्षतिग्रस्त होने के बाद विभाग का यांत्रिकी अनुभाग क्षतिग्रस्त फाटक को निकालने की कवायद में जुट गया है। विभाग का दावा है कि दो से तीन दिन में दूसरा फाटक गेट में लगा दिया जाएगा।
नरौरा गंगा बैराज लगभग एक किलोमीटर लंबा है, जिसमें 61 गेट हैं। नरौरा बैराज की अप स्ट्रीम से एटा, इटावा, मैनपुरी शिकोहाबाद, फिरोजाबाद आदि तक सिंचाई करने वाली दो नहरें निचली गंग नहर व समानांतर निचली गंग नहरों के साथ ही नरौरा परमाणु संयंत्र को जलापूर्ति करने वाला वाटर चैनल भी निकलता है। बैराज के फाटकों की देख-रेख व मरम्मत का कार्य सिंचाई विभाग के यांत्रिकी अनुभाग के पास है।
दो दिन से जलस्तर में वृद्धि
दो दिन से गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि चल रही है। चार दिन पूर्व बैराज से मात्र 850 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही थी। दो दिन पूर्व से बैराज से लगभग 25 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही थी। बुधवार को सुबह तड़के पानी के हल्के दबाव से ही लगभग 6 बजे 42 नंबर गेट का फाटक क्षतिग्रस्त हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी बाढ़ काल भी नहीं है। बाढ़ काल में तो एक से दो लाख क्यूसेक पानी की निकासी आम बात है। ऐसे मे फाटक क्षतिग्रस्त होता तो काफी परेशानी होती।
जुटी टीम
सिंचाई विभाग हेड वर्क्स में एसडीओ जुल्फिकार खान ने बताया कि तकनीकि से अन्य फाटकों का संचालन कर बैराज की अप स्ट्रीम में वाटर लेवल मेंटेन रख गया है। यांत्रिकी अनुभाग की टीम कार्य में जुटी है।
सिंचाई विभाग के यांत्रिकी अनुभाग के अभियंता एसके गुप्ता ने बताया कि फाटक का काफी भाग पानी के अंदर रहता है। जो कि अंदर कमजोर होने की वजह से मुड़ गया है। यांत्रिकी अनुभाग की टीम लगी हुई है। क्षतिग्रस्त हुए फाटक को निकाल कर जल्द ही दूसरा फाटक लगा दिया जाएगा।
बैराज से निकलने में वाहन चालकों को हुई असुविधा
नरौरा। गंगा बैराज पर क्षतिग्रस्त हुए फाटक को निकालने की कवायद में दो हाइड्रा मशीन लगाकर कार्य किए जाने के कारण काफी देर तक दिन में बैराज के पुलिसकर्मी एक एक ओर से वाहनों को निकालते रहे। कभी काफी काफी देर तक वाहनों को रोकना तक पड़ा। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।