लल्ला बाबू चौराहे पर खुले नाले में घोड़ा-बग्गी समेत गिरे दो मासूम
बुलंदशहर। नगर कोतवाली क्षेत्र में लल्ला बाबू चौराहे पर पुलिस चौकी के निकट खुला पड़ा नाला जानलेवा साबित हो रहा है। लेकिन, इस ओर नगर पालिका का कोई ध्यान नहीं है। शुक्रवार देर रात घोड़ा बग्गी अंधेरे के कारण नाले में जा गिरी। जिसमें सवार दो मासूम भी नाले में गिर गए। जिन्हें स्थानीय लोगों व राहगीरों ने बाहर निकालकर बचाया। साथ ही क्रेन से बग्गी व घोड़ों को बाहर निकलवाया गया।
सलेमपुर थाना क्षेत्र के गांव चित्सौन निवासी ललित पुत्र दानसा शादी-विवाह में घोड़ा-बग्गी चलाकर अपना व परिवार का भरण पोषण करते हैं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को वह एक शादी में दरियापुर गए थे। जहां से घुड़चढ़ी का कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वह अपने आठ वर्षीय पुत्र मयंक और 12 वर्षीय भतीजे दीपांशु के साथ घोड़ा बग्गी से ही वापस बुलंदशहर होते हुए गांव लौट रहे थे। उन्होेंने बताया कि रात करीब नौ बजे जब वह लल्ला बाबू चौराहे पर पहुंचे तो अंधेरा होने के कारण उनकी बग्गी में लगा एक घोड़ा सड़क पर खुदे नाले में गिर गया। जिससे बग्गी भी अनियंत्रित होकर नाले में गिर गई। हादसे में उनका पुत्र व भतीजा भी नाले में जा गिरा। जिससे वहां चीख पुकार मच गई। आननफानन लोगों ने बच्चों को बाहर निकाला और बाद में पुलिस ने क्रेन बुलाकर बग्गी व घोड़ों को भी बाहर निकलवाया। बताया गया कि नाले पर आए दिन हादसे होते हैं। खुले हुए नाले पर न तो बैरिकेडिंग की जा रही है और न ही उसे कवर किया जा रहा है। लोगों में नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ आक्रोश है। नगर कोतवाल अखिलेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि बच्चों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया और क्रेन से क्षतिग्रस्त हुई बग्गी व घोड़ों को भी बाहर निकाल लिया गया है।
हादसे के बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने नाले के पास बैरिकेडिंग कर दी। वहीं, शनिवार सुबह नगर पालिका के कर्मियों ने ईंट आदि रखकर मामले से इतिश्री कर ली। नगर पालिका ईओ मनोज रस्तोगी ने बताया कि मामला संज्ञान में है। नाले पर फिलहाल बैरिकेडिंग करा दी गई है। जल्द ही निर्माण कार्य कराया जाएगा।