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विपत्ति में पेन और मिर्ची पाउडर भी बन सकता है हथियार

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शिकारपुर क्षेत्र के गांव सलेमपुर स्थित एसकेडी पब्लिक स्कूल में अपराजिता कार्यक्रम में शपथ लेती? - फोटो : BULANDSHAHR
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विपत्ति में पेन और मिर्ची पाउडर भी बन सकता है हथियार
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शिकारपुर। यदि किसी विपत्ति में आप फंस जाती हैं तो सबसे पहले धैर्य के साथ उससे बाहर निकलने की सोचिए। ज्यादा जरूरी हो तो आप अपने बैग में रखे पेन आदि को हथियार बनाकर अपना बचाव कर सकती हैं। इसके अलावा आप अपने बैग में मिर्ची पाउडर भी रखें। विपत्ति में इसका भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यह बातें सीओ शिकारपुर गोपाल शर्मा ने अपराजिता के तहत आयोजित कार्यक्रम के दौरान गांव सलेमपुर स्थित एसकेडी पब्लिक स्कूल में छात्राओं से कहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए सीओ गोपाल सिंह ने कहा कि बच्चियों के साथ हो रहे यौन शोषण संबंधी मामलों में ज्यादातर आरोपी उनके नजदीकी संबंधों वाले लोग ही होते हैं। इसलिए निजी संबंध वाले लोगों के संपर्क में रहने के दौरान अधिक सावधानी बरतें। उन्होंने छात्राओं को बताया कि अपराध को सहना भी उतना बड़ा अपराध होता है। इसलिए कोई व्यक्ति उनके साथ छींटाकशी, छेड़खानी जैसे अपराध करता है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। साथ ही अपने परिजनों और शिक्षिकाओं को भी इसकी जानकारी अवश्य दें। आपकी मां आपकी सबसे अच्छी दोस्त होती है। स्कूल में होने वाली घटना के संबन्ध में अपनी शिक्षिका को बताएं। सलेमपुर थाना प्रभारी प्रताप सिंह बालियान ने बताया कि वह आत्मबल के सहारे सशक्त बनें और किसी भी अपराध के खिलाफ मुकाबला करने के लिए आत्मरक्षा के गुर अवश्य सीखें। जरुरत पड़ने पर नोज अटैक आदि का इस्तेमाल करें। किसी भी अपराध की सूचना महिला हेल्पलाइन 1090, पुलिस हेल्पलाइन डायल 112 पर दर्ज कराएं। महिला हेल्पलाइन पर आपकी पहचान गुप्त रखी जाएगी और समस्या का निदान भी तुरंत किया जाएगा। विद्यालय के प्रबंधक विजय कुमार, प्रधानाचार्य हरेन्द्र सिंह ने भी छात्राओं को किसी भी अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने की सीख दी।
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वर्तिका चौधरी = अपराजिता कार्यक्रम से महिलाओं के प्रति हो रहे अपराध के प्रति लड़ने की क्षमता का अहसास हुआ। हमें अत्याचार के खिलाफ लड़ने की सीख मिली। -
छवि चौधरी = कार्यक्रम से हमारा मनोबल बढ़ा है। साथ ही मेरे अंदर आत्मशक्ति का संचार हुआ है। ऐसे कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होते रहने चाहिए।
प्राची चौधरी = किसी भी महिला के साथ हो रहे अपराध की जानकारी पुलिस हेल्पलाइन या महिला हेल्पलाइन पर देने की जानकारी मिली है। ताकि समय रहते अपराध पर अंकुश लगाया जा सके।
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यशी चौधरी = कार्यक्रम के दौरान सीख मिली है कि पेन और मिर्ची पाउडर से भी अपना बचाव किया जा सकता है। अन्य छात्राओं को भी इसके बारे में बताउंगी।
महक चौधरी = महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 के बारे में जानकारी मिली है। साथ इसमें पहचान गोपनीय रखा जाता है, इसका भी पता चला है।
प्रांजल सिंह = कार्यक्रम से मन में आत्मविश्वास का संचार हुआ है। पुलिस अंकल हमारे बीच आकर अच्छी जानकारी दे रहे हैं। कार्यक्रम में प्रतिभाग लेकर अच्छा लगा।
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