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लापता ‘चिरागों’ का सुराग लगा पाना खाकी के लिए बना चुनौती

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लापता ‘चिरागों’ का सुराग लगा पाना खाकी के लिए बना चुनौती
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बुलंदशहर। जिले में मानव तस्करी हो रही है या नहीं, इस पर कुछ कहना अफसरों के लिए भी चुनौती है, लेकिन विभागीय आंकड़े इस ओर इशारा जरूर कर रहे हैं। पिछले 16 वर्षों में जनपद से लापता हुए 65 मासूमों का सुराग लगा पाना पुलिस के लिए चुनौती साबित हो रहा है। सिस्टम की हीलाहवाली के चलते परिजन भी अधिकारियों के दर पर भटकते-भटकते अपने बच्चों को पाने की लालसा खो चुके हैं।
संदिग्ध परिस्थितियों में जनपदभर से लापता होने वाले मासूम बच्चों-बच्चियों और किशोर - किशोरियों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती नजर आ रही है। अंाकड़ों पर नजर डालें तो जनपद में बीते कुछ वर्षों में मासूमों के लापता होने की संख्या भी साल दर साल बढ़ती जा रही है। हालांकि, बीते कुछ वर्षों में पुलिस ने अभियान चलाकर लापता हुए ऐसे बच्चों की खोजबीन में काफी सफलता भी हासिल की है। लेकिन, अभी भी गत 16 वर्षों में लापता हुए करीब 65 बच्चों का पुलिस कोई पता नहीं लगा सकी है। इन मासूमों की जिले से तस्करी की गई है या फिर खुद ही यह बच्चे कहीं लापता हो गए हैं, इस सवाल का जवाब भी पुलिस अफसरों के पास नहीं है। हालांकि, बीते कुछ दो वर्षों में अभियान चलाकर पुलिस ने करीब 35 से अधिक बच्चों को ढूंढ भी निकाला है। लेकिन, कई लापता बच्चों के मामलों में जांच ठंडे बस्ते में समा चुकी है। तो वहीं, कुछ मामलों की जांच बहुत ही धीमी रफ्तार से चल रही है। वहीं, परिजन अपने बच्चों की तलाश की आस में अफसरों के दर पर चक्कर काट-काट कर थक चुके हैं और उन्होंने उनकी तलाश की आस भी छोड़ दी है।
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विभागीय आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो सामने आता है कि बीते करीब 16 वर्षों में सन 2007 में सर्वाधिक 106 बच्चे लापता हुए थे। हालांकि, उनमें से 102 अलग-अलग समय पर अलग-अलग वर्षों में बरामद कर लिए गए थे।
पुलिस रिकॉर्ड की बात करें तो वर्ष 2019 में 30 बच्चे जनपद से लापता हुए। जिनमें से 17 बच्चाें की बरामदगी कर ली गई, जबकि 11 बच्चे अभी लापता हैं। साथ ही वर्ष 2020 में भी 25 बच्चे लापता हुए थे। जिनमें से 14 की बरामदगी हुई है और 11 अभी भी लापता हैं।
आंकड़ों के मुताबिक जनपद के कुल 27 थानों में से स्याना थाना ऐसा एकमात्र थाना है, जहां से लगभग नौ मासूम लापता बच्चों का सुराग नहीं लगाया जा सका है। हालांकि, अफसर जल्द ही मासूमों की बरामदगी का दावा कर रहे हैं।
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एसपी क्राइम कमलेश बहादुर = समय-समय पर अभियान चलाकर सैकड़ों बच्चों की बरामदगी कर ली गई है। फिलहाल जो लापता बच्चे शेष बचे हैं उनकी भी तलाश के लिए अभियान चलाया जाएगा।
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