पत्नी की मौत के आठ साल बाद पति को सात साल सजा
बुलदंशहर। पति की पिटाई से आहत महिला के आठ साल पहले आत्मदाह करने के मामले में मंगलवार को पति को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। संदेह के लाभ में महिला के ससुर को क्लीनचिट दे दी है। अदालत ने दोषी पति को सात साल कैद व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सुरेंद्रपाल चौहान ने बताया कि आठ साल पहले 19 जनवरी 2012 को वादी राजवीर सिंह ने अगौता थाने पर तहरीर देकर बताया था कि उन्होंने अपनी पुत्री वीणा की शादी गांव कसौली निवासी युवक योगेश के साथ की थी। आरोपी उसका दहेज की खातिर उत्पीड़न कर रहे थे। इससे तंग आकर उनकी पुत्री ने आत्मदाह कर लिया था। इस मामले में महिला के पिता राजवीर ने 21 जनवरी को दामाद योगेश व समधी बिजेंद्र निवासी गांव कसौनी थाना अगौता के खिलाफ दहेज आत्मदाह के लिए उकसाने का मामला दर्ज कराया था। इस मामले में पुलिस ने योगेश व बिजेंद्र के खिलाफ चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी। एडीजे ब्रिजेश कुमार ने संदेह का लाभ देते हुए बिजेंद्र को छोड़ दिया जबकि योगेश को सात साल कैद व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।