दिल्ली जाने से रोका तो तहसील परिसर में धरने पर बैठ गए किसान
शिकारपुर। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे धरने में जाने से पुलिस -प्रशासन द्वारा रोके जाने पर किसान तहसील परिसर में ही अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं के धरने पर बैठने की सूचना पर पुलिस-प्रशासन के अफसर मौके पर पहुंचे और किसानों के साथ बातचीत शुरू की। शाम सात बजे एसडीएम और सीओ के किसानों को नहीं रोकने के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ।
जानकारी के अनुसार शनिवार को क्षेत्र के भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता तहसील पहुंचे और परिसर में बैठकर धरना शुरू कर दिया। धरने पर बैठे किसानों का कहना था कि कृषि कानून के विरोध में दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे धरने में शामिल होने के लिए वह दिल्ली जा रहे थे। इस दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा उनको जगह-जगह पर रोका जा रहा है। जिसके चलते उन्हें तहसील परिसर में धरना देने को मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने कहा कि जब तक कृषि कानून वापस नहीं होते हैं। वह धरना जारी रखेंगे। धरने की सूचना पर एसडीएम वेदप्रिय आर्य और सीओ गोपाल सिंह मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाकर धरने को समाप्त करने का अनुरोध किया, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। देर शाम करीब सात बजे एसडीएम और सीओ ने किसानों को नहीं रोके जाने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया। इस दौरान योगेंद्र सिंह, दयानंद सिंह, वीरपाल सिंह, बीरबल सिंह, मास्टर चबल सिंह, युद्धवीर सिंह, ओमप्रकाश तेवतिया, गुलाब सिंह, सुखबीर सिंह, नरेश चंद्र प्रधान, सुमित चौधरी, कक्कू प्रधान, विजय पाल सिंह, सौदान सिंह, पुष्पेंद्र चौधरी, भोलू कुमार, चंद्रपाल सिंह आदि लोग मौजूद रहे। -------------
किसानों के दिल्ली कूच को लेकर सतर्क रही पुलिस
सिकंदराबाद। दिल्ली बॉर्डर पर धरने के दौरान भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के प्रेस कांफ्रेंस के दौरान भावुक होने के बाद से किसानों का दिल्ली कूच करने का सिलसिला जारी है। शनिवार को भी किसानों के दिल्ली कूच की संभावनाओं को लेकर औद्योगिक क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती रही।
कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठन दिल्ली सीमाओं पर दो माह से भी अधिक समय से धरने पर बैठे हैं। गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान कुछ किसानों के दिल्ली में घुसने और लालकिले पर अपना झंडा लगाने को लेकर सरकार किसानों के खिलाफ कार्रवाई में जुट गई थी। इसी दौरान गाजियाबाद जिला प्रशासन ने गाजीपुर बॉर्डर पर धरने पर बैठे किसान यूनियन के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, नेताओं को धरना स्थल खाली करने की चेतावनी देते हुए भारी संख्या में पुलिसबल की तैनाती कर दी थी। वहीं कुछ नेताओं ने किसानों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी तक की थी। जिसके बाद प्रेस कांफ्रेंस के दौरान किसान नेता राकेश टिकैत भावुक हो गए थे और उनकी आंखों से आंसू छलक गए थे। राकेश टिकैत के भावुक होने के बाद से ही बड़ी संख्या में किसानों का गाजीपुर बार्डर पहुंचने का सिलसिला जारी हो गया था। किसानों के गाजीपुर बॉर्डर पर कूच करने की संभावनाओं को लेकर शनिवार को भी सिकंदराबाद के औद्योगिक क्षेत्र में भारी पुलिसबल की तैनाती रही। क्योंकि जनपद के अधिकांश क्षेत्रों का रास्ता दिल्ली जाने के लिए सिकंदराबाद से होकर गुजरता है। पुलिस ने दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों को रोककर चेकिंग की। एसडीएम रविशंकर सिंह, सीओ नम्रता श्रीवास्तव ने भी औद्योगिक क्षेत्र में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। सीओ नम्रता श्रीवास्तव ने बताया कि किसानों के दिल्ली कूच की संभावनाओं के चलते औद्योगिक क्षेत्र में कानून व्यवस्था की दृष्टि से पुलिस की तैनाती की गई है।