पांच साल में छह ग्राम पंचायतों पर हुए उपचुनाव
बुलंदशहर। प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पिछले पांच साल के दौरान प्रधानों के कार्यों पर चर्चाएं होनी शुरू हो गई हैं। जनपद में गत पांच साल में छह ग्राम पंचायतों पर उपचुनाव हुए। वहीं दूसरी ओर तीन प्रधान बर्खास्त तो तीन की मौत भी हुई। प्रधान बनने से लेकर कार्यकाल समाप्ति तक प्रधानों पर आरोप-प्रत्यारोप भी लगते रहे।
जनपद में 951 ग्राम पंचायत हैं। इन पर 25 दिसंबर 2015 को प्रधान तैनात हो गए थे। गांवों में विकास के तमाम कार्य शुरू कराए गए। इसमें स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में शौचालय निर्माण भी कराए गए। शौचालय निर्माण और विकास कार्यों में अनियमितताओं की शिकायतों पर हुई जांच में बीबीनगर क्षेत्र के गांव अहमदानगर, पहासू क्षेत्र के गांव पहासू देहात और बीबीनगर क्षेत्र के गांव बैनीपुर के ग्राम प्रधान को बर्खास्त किया गया। जबकि बुलंदशहर क्षेत्र के गांव कोरौली, जहांगीराबाद क्षेत्र के गांव जड़ौली और अगौता क्षेत्र के गांव खेड़ी के ग्राम प्रधान की मौत हो गई थी। इसके चलते इन सभी ग्राम पंचायतों पर उपचुनाव करवाए गए।
10 प्रधान हुए सस्पेंड, जांच के बाद हुए बहाल
जनपद में गत पांच साल के कार्यकाल में शौचालय निर्माण और विकास कार्यों में अनियमितता सामने आने पर 10 प्रधान सस्पेंड भी हुए। बाद में इन प्रधानों ने लगे आरोप को निराधार बता विभागीय जांच में सहयोग किया। इसके चलते जांच के बाद यह प्रधान बहाल भी हो गए।
गबन करने पर 12 प्रधानों से हुई रिकवरी
गत पांच साल में प्रधानों पर आरोप-प्रत्यारोप लगने के साथ सरकारी राजस्व का गबन करने के भी मामले सामने आए। इस पर विभाग की ओर से 12 प्रधानों से लाखों रुपये की रिकवरी की गई। अफसरों का दावा है कि उक्त सभी प्रधानों से सरकारी राजस्व की रिकवरी कर ली गई है। जबकि ग्राम पंचायत पहासू देहात के बर्खास्त किए गए प्रधान ने अभी तक सरकारी राजस्व की राशि जमा नहीं करवाई है। उसे विभाग की ओर से आरसी जारी कर दी गई है। जिला पंचायती राज अधिकारी नन्दलाल का कहना है कि उक्त प्रधान से राजस्व की रिकवरी जल्द कर ली जाएगी।