यूरिया घोटाला : जांच हुई पूरी, 45 समिति और उर्वरक विक्रेताओं पर कार्रवाई की तैयारी
बुलंदशहर। जनपद में हुए यूरिया घोटाले की जांच पूरी हो चुकी है। 45 समिति और उर्वरक विक्रेताओं पर भी अब कार्रवाई की तैयारी अंतिम चरण में है। इसके लिए डीएम से अनुमति लेना शेष रह गया है। अफसरों का दावा है कि उक्त सभी समिति और उर्वरक विक्रेताओं पर कार्रवाई निश्चित है।
उर्वरक एवं रसायन मंत्रालय ने जिला प्रशासन को नवंबर में 45 लोगों सहित 25 सहकारी समिति और उर्वरक विक्रेताओं की सूची जारी की थी। बताया गया कि उक्त सूची में शामिल लोगों को समिति और उर्वरक विक्रेताओं ने 6694 यूरिया के कट्टे मानक के आधार पर नहीं बेचे हैं। इनमें नौ सहकारी समिति और 16 उर्वरक विक्रेता शामिल हैं। इन लोगों को 50 से लेकर 480 यूरिया के कट्टे बेचे गए थे। इसी तरह हाल ही में 20 और उर्वरक विक्रेताओं द्वारा लगभग 1200 यूरिया के कट्टे 22 लोगों को बेच दिए थे। इन दोनों मामलों में उर्वरक एवं रसायन मंत्रालय का आदेश है कि इस पूरे मामले की जांच करवाई जाए। जांच में यह भी पता किया जाए कि खरीफ 2020 में खरीदे गए यूरिया का भूमि के सापेक्ष उसका कहां प्रयोग किया गया है। जांच कर दोषी पाए जाने पर खरीदार और दोषी विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के अंतर्गत कार्यवाही कर उसकी रिपोर्ट भी भारत सरकार को उपलब्ध करवाई जाए। डीएम रविंद्र कुमार के निर्देश पर यूरिया घोटाले की जांच की गई थी। जांच के लिए आठ से अधिक टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों के अफसरों ने अब अपनी जांच पूरी कर ली है। विभागीय अफसरों का कहना है कि अब दोनों मामलों में शामिल 45 समिति और उर्वरक विक्रेताओं पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है। इसके लिए डीएम से अनुमति लेना शेष रह गया है। डीएम का आदेश मिलते ही उक्त समितियों और उर्वरक विक्रेताओं पर कार्रवाई की जाएगी।
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जनपद में तीन बार हो चुका यूरिया घोटाला उजागर
जनपद में अब तक तीन बार यूरिया घोटाला उजागर हो चुका है। गत दिनों से तीन बार उजागर हुए यूरिया घोटाले से पहले भी उर्वरक एवं रसायन मंत्रालय ने जिला प्रशासन को 20 ऐसे किसानों की सूची जारी की थी, जिनको 7829 यूरिया के कट्टे बेच दिए थे। इसकी जांच के बाद नौ समिति के सचिव निलंबित किए गए थे। चार दुकानों के लाइसेंस निरस्त करने के साथ इफको और कृभको के दो केंद्र प्रभारियों को हटाने की कार्रवाई हुई थी।
अश्विनी कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी - यूरिया घोटाले की उर्वरक एवं रसायन मंत्रालय ने जिला प्रशासन को दो बार सूची भेजी थी। इसमें शामिल 45 सहकारी समिति और उर्वरक विक्रेताओं की जांच पूरी हो चुकी है। अब समिति और उर्वरक विक्रेताओं पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है। इसके लिए डीएम से अनुमति ली जाएगी। उक्त सभी समिति और उर्वरक विक्रेताओं पर कार्रवाई निश्चित है।