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कृषि कानून के विरोध में उतरी रालोद, कलक्ट्रेट में लगाई मंडी

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कृषि कानून के विरोध में उतरा रालोद, कलक्ट्रेट में लगाई मंडी
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बुलंदशहर। कृषि कानून के विरोध के चलते रालोद कार्यकर्ताओं ने डीएम कार्यालय पर जमकर हल्ला बोला। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने डीएम कार्यालय के बाहर ही मंडी लगाकर सब्जी व अनाज बेचा। रालोद ने कृषि कानून को किसान विरोधी बताया। उनका कहना है कि इस कानून के चलते किसान पूंजीपतियों का गुलाम बन जाएगा। इससे पूर्व रालोद की एक सभा दिल्ली रोड स्थित एक होटल में हुई।
कृषि कानून के विरोध में सोमवार को रालोद जिलाध्यक्ष आसिफ गाजी के नेतृत्व में कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पहुंचे। रालोद कार्यकर्ताओं के आने की सूचना पर कलक्ट्रेट के मुख्य गेट को बंद कर पुलिस बल तैनात कर दिया। पुलिस को चकमा देते हुए रालोद कार्यकर्ता दूसरे गेट से अंदर पहुंच गए। उन्होंने डीएम कार्यालय के सामने मंडी लगाकर कृषि कानून के विरोध में सब्जी बेचनी शुरू कर दी। साथ ही कृषि कानून के विरोध में जमकर नारेबाजी की। इससे कलक्ट्रेट परिसर में अफरातफरी का माहौल हो गया। जिलाध्यक्ष आसिफ गाजी ने कहा कि कोविड-19 के चलते लॉकडाउन में किसान ने मेहनत कर खेती कर फसलों को उगाया और लोगों को रोजगार दिया। इसके बावजूद केन्द्र सरकार किसानों को शाबाशी देने के बजाए खेती को खत्म करना चाहती है। संसद में बिना विस्तृत चर्चा के आनन-फानन में अध्यादेश पास करा लिए जो किसी भी सूरत में किसानों के हित में नहीं है। कहा कि मैं किसान पुत्र हूं, मुझे पता है कि किसान अपनी फसल उगाने के लिए कितनी मेहनत करता है। पूर्व स्याना विधायक दिलनवाज खान ने कहा कि यह कानून किसान विरोधी है। उन्होंने कहा कि अगर यह कानून रद्द नही किया गया तो पूरे देश में किसान आंदोलन करेंगे। अतुल वाल्मीकि ने कहा कि सरकार चाहती है कि किसान पूंजीपतियों का गुलाम बन जाए। इसके बाद अपनी मांगों के संबंध में ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। इस मौके पर जियाउर्रहमान एडवोकेट, विकास चौधरी, अतुल वाल्मीकि, फरमान अली, चौ. वीरपाल सिंह, यूपी सिंह, एहसान अली बबलू, चौ. सतपाल सिंह, दिलशाद कुरैशी आदि मौजूद रहे।
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पुलिस को चकमा देकर डीएम कार्यालय तक पहुंचे कार्यकर्ता
सोमवार को रालोद कार्यकर्ता जब मुख्य गेट तक पहुंचे तो वहां मौजूद पुलिस ने गेट बंद कर दिया। इसको देखकर सभी प्रदर्शनकारियों ने अपना रुख मोड़ दिया और वह कलक्ट्रेट के पीछे वाले गेट की ओर चल दिए। पुलिस ने जब उन्हें ऐसा करते देखा तो दौड़कर वहां पहुंचे लेकिन तब तक रालोद के कार्यकर्ता कलक्ट्रेट के अंदर तक पहुंच चुके थे और डीएम कार्यालय पर आ गए।
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