फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराने पर एआर कोआपरेटिव पर गिरी गाज
बुलंदशहर। जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा फर्जी निकला। शासन द्वारा मुकदमा दर्ज कराने वाले एआर कोऑपरेटिव के खिलाफ कार्रवाई कर मुरादाबाद स्थानांतरण कर दिया गया है। प्रमुख सचिव ने इस संबंध में आदेश जारी कर तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं।
एआर कोआपरेटिव (सहायक निबंधक सहकारिता) प्रदीप सिंह द्वारा गत माह छह जनवरी को उपभोक्ता सहकारी समिति अनूपशहर की प्रबंध समिति, सचिव व डीसीबी (जिला सहकारी बैंक) चेयरमैन अनिल शर्मा के खिलाफ अनूपशहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। बिना कारण एआर कोआपरेटिव द्वारा फर्जी मुकदमा दर्ज कराए जाने पर डीसीबी चेयरमैन ने शासन में शिकायत की। शासन के निर्देश पर लखनऊ से सहकारिता के अपर आयुक्त कृपा शंकर द्वारा जांच की गई। इसके बाद उन्होंने अपनी रिपोर्ट बनाकर गत माह 30 जनवरी को शासन को भेजी। शासन को भेजी गई रिपोर्ट में एआर कोआपरेटिव की लापरवाही उजागर हुई। जिसमें एआर कोआपरेटिव द्वारा डीसीबी चेयरमैन की छवि खराब करने और दबाव बनाने के लिए फर्जी मुकदमा दर्ज कराना सामने आया। जांच रिपोर्ट को संज्ञान में लेते हुए शनिवार को एआर कोआपरेटिव का तबादला मुरादाबाद कर दिया गया। एआर कोआपरेटिव प्रदीप सिंह का कहना है कि साजिश के तहत मुझे फंसाया गया है। शासन ने स्थानांतरण न होने का आश्वासन भी दिया था। लेकिन अब स्थानांतरण कर दिया है।
राजनीतिक दरबार में भी पहुंचा था मामला
डीसीबी चेयरमैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद मामला राजनीतिक दरबारों में गूंजा, जिसके बाद सत्ता पार्टी में काफी दिनों तक चर्चा का बाजार गर्म रहा। जानकारी के अनुसार डीसीबी चेयरमैन भाजपा नेता भी हैं और लखनऊ तक अपनी पकड़ रखते हैं। वहीं, मुकदमा दर्ज कराने के बाद एआर कोआपरेटिव ने समझौता कराने के लिए कई बड़े भाजपा नेताओं की भी शरण ली। लेकिन मामला लगातार सुर्खियों में बना रहा।
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अनिल शर्मा, डीसीबी चेयरमैन - शासन ने एआर कोआपरेटिव को तत्काल मुरादाबाद ज्वाइन करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चार्ज देने और ज्वाइन करने का प्रमाणपत्र भी शासन ने तलब किए है। शासन ने एआर के जल्द निलंबन का भी आश्वासन दिया है। एआर कोआपरेटिव ने साजिश के तहत एक जनप्रतिनिधि की छवि खराब करने का षड्यंत्र रचा था। -