अमर उजाला इंपैक्ट - प्रसूताओं के खाने के लिए छूटेगा टेंडर
बुलंदशहर। सरकारी चिकित्सालयों में भर्ती गर्भवती महिलाओं को अब खाना मिल सके गा। देहात क्षेत्र के अस्पतालों में महिलाओं को खाना न मिलने का समाचार अमर उजाला में प्रकाशित होने पर अफसरों ने सक्रियता दिखाई। सीएमओ ने खाना वितरण को टेंडर छोड़ने के लिए डीएम को पत्र लिखा है।
जननी शिशु सुरक्षा योजना के तहत जिले में 21 चिकित्सालयों में खाना वितरण करने के निर्देश हैं। जहां पर प्रतिदिन 100 रुपये प्रति मरीज खाना-पीने की व्यवस्था की जाती है, लेकिन मरीजों को यह सुविधा नहीं मिल पा रही है। मामले को अमर उजाला ने आफत में जान सीरीज के तहत बृहस्पतिवार के अंक में ‘सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं के निवाले पर डाका’ शीर्षक से प्रकाशित किया था। जिसे जिलाधिकारी ने संज्ञान लेकर सीएमओ से खाना वितरण न होने वाले चिकित्सालयों की रिपोर्ट मांगी और खाना वितरण करने को लेकर योजना बनाने के निर्देश दिए। डीएम के निर्देश पर स्वास्थ्य अफसरों ने संबंधित चिकित्सालयों में जांच कराई और जिन चिकित्सालयों में खाना वितरण नहीं हो रहा है, उसकी रिपोर्ट बनाकर डीएम को सौंप दी गई। अफसरों का कहना है कि कुछ चिकित्सालयों में खाने का टेंडर समाप्त होने से समस्या बन रही थी।
इन स्थानों पर है खाना वितरण की योजना
जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, सामुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मालागढ़, गुलावठी, लखावटी, स्याना, ऊंचागांव, बीबीनगर, जहांगीराबाद, तौली, अनूपशहर, दानपुर, कसेरकलां, डिबाई, शिकारपुर, पहासू, धरपा, मुनी, पीपीसी खुर्जा, वैर और सिकंदराबाद में भर्ती मरीजों को खाना वितरण के आदेश हैं। सुबह के समय 500 एमएल दूध, मौसम के अनुसार फल और सुबह-शाम दाल-सब्जी के साथ रोटी देने के निर्देश हैं।
टेंडर न होने की वजह से खाना वितरण में समस्या हो रही है। संबंधित चिकित्सालयों में खाना वितरण के लिए हर संभव प्रयास किए गए। अब टेंडर छोड़ने के लिए डीएम को पत्र भेजा गया है। आदेश मिलने पर संबंधित चिकित्सालयों में टेंडर छोड़ने के बाद व्यवस्था में सुधार देखने को मिलेगा। - डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ