बुलंदशहर का रोडवेज बस स्टैंड..
- फोटो : BULANDSHAHR
अलविदा 2019 - न जगह मिली न कब्जा हटा, निर्माण में हुई परेशानी
चेतन शर्मा
बुलंदशहर। वर्ष 2019 की विदाई बेहद करीब है। इस साल जिले को उप्र परिवहन निगम से काफी कुछ मिला, लेकिन कुछ अब भी बाकी है। जिले में परिवहन निगम को लेकर सबसे बड़ी समस्या देहात क्षेत्रों में बस अड्डों के निर्माण को लेकर रही जो आगामी वर्ष में दूर होने की संभावना है। इस वर्ष परिवहन निगम को पीपीपी मॉडल पर एक बस अड्डा निर्माण की सौगात मिली है तो एक वर्ष बाद भी चार से अधिक स्थानों पर प्रस्तावित बस अड्डों का निर्माण कार्य अभी शुरू भी नहीं हो सका। ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस वर्ष काफी बसें संचालित हुई है। वहीं, कुछ मार्ग पर अभी भी बस संचालन की प्रक्रिया चल रही है, जो आगामी वर्ष में पूर्ण होने की संभावना है। साथ ही लोकसभा चुनाव से पूर्व शुभारंभ हुआ बस अड्डा अभी भी पूर्ण तरीके से हैंड ओवर नहीं हुआ है।
ये रही उपलब्धि
- पांच से अधिक नई बसें मिलीं।
- एक सीएनजी बस की सेवा भी शुरू हुई।
- ग्रामीण क्षेत्र में विभिन्न बसों का संचालन शुरू हुआ।
- पीपीपी मॉडल के तहत सदर तहसील पर बस अड्डे की सौगात मिली।
- लंबे रूट पर बसों की संख्या बढ़ाई गई।
- बसों की सेवाओं में सुधार किया गया।
इनकी है उम्मीदें
- शिकारपुर, जहांगीराबाद, अनूपशहर और स्याना समेत विभिन्न स्थानों पर बस अड्डा निर्माण होने की संभावना।
- 10 से अधिक नई बसें मिलने की संभावना।
- अन्य स्थानों पर बसों का संचालन करने की योजना।
- ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाएं बढ़ाने की एआरएम की योजना।