ठेकेदार डाल रहे संविदाकर्मियों के ईपीएफ पर डाका
बुलंदशहर। पावर कारपोरेशन में संविदा कर्मियों के ईपीएफ में ठेकेदार द्वारा घपला करने का आरोप लगा है। ठेकेदार ईपीएफ मानदेय के अनुसार जमा नहीं कर रहे हैं। जनपद भर के करीब 1380 संविदा कर्मी इस घपले की आंच से प्रभावित हैं।
पावर कारपोरेशन में एक के बाद एक नए घोटालों का ‘जिन्न’ बाहर निकल रहा है। अबकी बाहर संविदा कर्मियों के ईपीएफ मानदेय में घपले की सुगबुगाहट तेज हो गई है। इसको लेकर संविदा कर्मियों में आक्रोश बना हुआ है। यूपी एंप्लाइज यूनियन बिजली बोर्ड के महासचिव सुरेंद्र सिंह ने आरोप लगाते हुए बताया कि ठेकेदारों द्वारा ईपीएफ में घोटाला किया जा रहा है। बताया कि निगम और कर्मचारियों से 8200 रुपये वेतन के हिसाब से ईपीएफ काटा जाता है। लेकिन जमा तीन हजार से पांच हजार रुपये के हिसाब से ही होता है। संविदा कर्मियों की ईपीएफ मामले की शिकायत को लेकर सितंबर माह में एक टीम ऑडिट करने के लिए बुलंदशहर पहुंची थी। टीम ने इस मामले में कई अहम सबूूत जुटाए, लेकिन अभी तक अधिकारियों को इस बारे में जानकारी नहीं दी गई है। बताया जा रहा है कि अधिकारियों व ठेकेदारों ने ऑडिट टीम से ही ‘सेंटिंग’ कर ली है। जिसके चलते मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। कई सालों से अपने ईपीएफ को लेकर संविदाकर्मी परेशान हैं। सूत्रों की माने तो कई कर्मचारी ऐसे भी है जिनका ईपीएफ का एक भी पैसा ठेकेदार जमा नहीं कर रहा है। इस मामले को लेकर प्रशासनिक अफसरों व मुख्यमंत्री तक शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समस्या का कोई भी समाधान नहीं हुआ है।
ठेकेदार सभी संविदाकर्मी का ईपीएफ जमा कर रहा है। अगर नहीं जमा कर रहे तो इसके खिलाफ जांच की जाएगी, जांच में दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। -आरपीएस तोमर, चीफ इंजीनियर बिजली