एक ही घर से उठीं ‘तीन अर्थी’, चीत्कार ने तोड़ा ‘सन्नाटा’
बुलंदशहर। हंसता-खेलता जीवन पल भर में ही मातम में तब्दील हो गया, कुछ देर पहले ही तो गांव-परिवार के अधिकतर लोग साथ में थे। पिता-पुत्री ने साथ में खाना खाया था। भतीजा कुछ देर पहले ही तो शादी के जशभन में डूबा हुआ था। लेकिन, चंद मिनटों बाद ही एक हादसे ने परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया। बेटी के हाथों में मेंहदी लगाकर विदा करने का सपना देखने वाले पिता का शव भी बेटी और भतीजे के शव के साथ घर की दहलीज से अंतिम यात्रा पर विदा हुआ तो सैकड़ों आंखे नम हो उठीं। जटपुरा के एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया है। सन्नाटे को मृतकों के परिजनों की चीखें तोड़ रही हैं।
सलेमपुर थाना क्षेत्र के गांव जटपुरा निवासी बचन सिंह एक डेयरी पर चालक थे। इसी से उनका व परिवार का भरण-पोषण भी होता था। पूर्व में ही वह अपनी दो बेटियों की शादी कर चुके थे। छोटी बेटी पूजा ने पिछले दिनों ही अपनी इंटरमीडिएट की शिक्षा पूरी की थी। जल्द ही परिवार में उसकी शादी की बातें भी होती थीं। जल्द ही पिता बचन सिंह पूजा की शादी कर उसे उसके घर भेजना चाहते थे। उनका भतीजा जीतू पुत्र बबलू पढ़ने में होशियार था। वह गांव स्थित इंटर कालेज में कक्षा 11 का छात्र था। गांव से बुधवार को एक बारात बुलंदशहर आई तो बचन सिंह अपनी पुत्री व भतीजे को बाइक पर साथ लेकर बुलंदशहर पहुंच गए। लेकिन, किसी को क्या पता था कि ये तीनों शादी समारोह के बाद अपनी अंतिम यात्रा पर निकल जाएंगे। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद जब तीनों के शव गांव पहुंचे तो गांव में पसरे हुए सन्नाटे को परिजनों की चीत्कार ने तोड़ा। एक संयुक्त परिवार से पिता-पुत्री और भतीजे के शव एक साथ निकले तो मौजूद सैकड़ों ग्रामीणों की आंखें भी नम हो उठीं। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था।
---------
एक साथ दी गई तीनों को मुखागिभन
तीनों के शव गांव स्थित श्मशान में पहुंचे, जिसके बाद उन्हें एक साथ ही मुखागिभन दी गई। तीन चिता जलती देख लोगों के जहन सिहर रहे थे। हर कोई अब बस मृतकों के परिजनों को सांत्वना दे रहा था।
---------
घरों में नहीं जले चूल्हे
हादसे के बाद गांव जटपुरा में पूरे दिन घरों-गलियों में सन्नाटा पसरा रहा। घरों में दिनभर चूल्हे भी नहीं जले। मृतकों के घर गांव वालाें का तांता सांत्वना देने के लिए लगा रहा।
---------
चंद किलोमीटर दूर ही तो था घर
हादसे के बाद परिजन रो-रो कर बस यही कह रहे थे कि दुर्घटनास्थल से चंद किलोमीटर की दूरी पर ही तो घर था। काश, हादसा न हुआ होता तो परिवार की खुशियां न उड़तीं।
----------
आधा घंटे तक नहीं पहुंची एंबुलेंस
परिजनों ने बताया कि हादसे के बाद राहगीरों व ग्रामीणों ने पुलिस व एंबुलेंस को फोन किया था। लेकिन, करीब आधे घंटे बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंची। बताया गया कि बचन सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि, जीतू और पूजा करीब आधा घंटे तक सड़क पर तड़पते रहे।