जनपद की आबोहवा एक बार फिर से खराब होने लगी है। प्रदूषण स्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। गत चार दिन से जनपद का एक्यूआई 200 के करीब पहुंचने लगा है। दिवाली में अभी 15 दिन से अधिक का समय बचा हुआ है, लेकिन अभी से जनपद की हवा में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ने लगा है। अगस्त में ठीक-ठाक बारिश होने के कारण प्रदूषण का स्तर सामान्य रहा, लेकिन सितंबर में बेहद कम बारिश होने से प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई। जिसका कारण पुआल जलने और आतिशबाजी को बताया जा रहा है। ऐसे में यहां पर रह रहे लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत हैं, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को।
वर्तमान समय में ग्रामीण क्षेत्रों में धान की फसल की कटाई चल रही है। वहीं, कुछ किसान कटाई करने के बाद धान को निकालकर पुआल को आग के हवाले कर देते है। जिससे जनपद का वायु प्रदूषण का ग्राफ बढ़ जाता है। गत वर्ष बुलंदश शहर देशभर में टाप फाइव में रहा। पांच अक्तूबर को जहां जनपद का एक्यूआई 93, छह अक्तूबर को 190, सात अक्तूबर को 174, आठ अक्तूबर को 187, नौ अक्तूबर को 187 और दस अक्तूबर को 178 आंका गया।
प्रदूषण का ग्राफ बढ़ने से रोकने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। साथ ही धुंआ उगलने वाली फैक्ट्रियों की जांच कराई जाएगी। बारिश होने से एक्यूआई में गिरावट आ सकती है। - ई. जीएस श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी