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कहीं टूट गई टहनी तो कहीं सूख गए रोपित किए गए पौधे

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भूड़ चौराहे तक लगे पौधा सूखा हुआ। - फोटो : BULANDSHAHR
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कहीं टूट गई टहनी तो कहीं सूख गए रोपित किए गए पौधे
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बुलंदशहर। जनपद में पिछले दिनों जोर शोर से शासन के आदेश पर 32 लाख से अधिक पौधे रोपित किए गए। वन विभाग दावा किया गया कि कि सभी पौधों को पेड़ बनने तक सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि पर्यावरण में सुधार हो सके। बावजूद इसके इस समय जनपद में रोपित किए गए पौधों की कहीं टहनी टूट गई तो कहीं सूख गए हैं। यह पौधे विभाग के दावों की भी पोल खोल रहे हैं।
ऐसा पहली बार हुआ कि शासन से इस बार जनपद में 32 लाख से अधिक पौधे रोपित करने के लिए लक्ष्य दिया गया। यह पौधे वृहद पौधरोपण अभियान के तहत जनपद भर में जगह-जगह रोपित किए गए। विभाग ने दावा किया कि इन पौधों को सुरक्षित रखने के लिए जियो टैगिंग की जाएगी और इसकी रिपोर्ट भी समय-समय पर शासन को भेजी जाएगी। साथ ही पौधों के संरक्षण को लेकर भी विभाग ने पहले से ही तैयारी कर ली है। जहां भी पौधे रोपित किए गए हैं। वहां पर उनकी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। यह पौधे सरकारी कार्यालयों के अलावा शिक्षण संस्थानों के साथ जनपद में जगह-जगह रोपित किए गए। लेकिन इन पौधों को रोपित करने के बाद विभागीय अफसर भूल गए और संरक्षित करने के दावों की अब पोल खुलने लगी है। जहां-जहां पौधे रोपित किए गए। वहां आजकल स्थिति यह है कि कहीं पौधों की टहनी टूट गई हैं तो कहीं सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं। इतना ही नहीं अधिकतर पौधे आवारा पशुओं का चारा बन गए हैं। जबकि जिम्मेदार इससे अंजान हैं और जानकर भी उनके संरक्षण की ओर कोई खास ध्यान नहीं है। यदि इसी तरह इन पौधों की अनदेखी होती रही तो लगाए गए पौधे पेड़ बनने से पहले ही दम तोड़ जाएंगे।
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जनपद में पौधरोपण के तहत रोपित किए गए पौधों के संरक्षण को लेकर विभाग की ओर से कई प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा जियो टैगिंग और उनके संरक्षण के लिए विभागीय अफसर-कर्मचारी निगाह रख रहे हैं। - गौतम सिंह, एडीएफओ, बुलंदशहर
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