जनपद में दम तोड़ रही मुखबिर योजना
बुलंदशहर। जनपद में भ्रूण हत्या रोकने के लिए शुरू हुई शासन की महत्वाकांक्षी मुखबिर योजना दम तोड़ रही है। दो वर्ष पूर्व शासन ने भ्रूण लिंग परीक्षण कर रहे अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर शिकंजा कसने के लिए मुखबिर योजना शुरू की थी। स्वास्थ्य महकमा बीते दो वर्ष में एक भी मुखबिर ढूंढने में नाकाम रहा।
बुलंदशहर समेत पूरे प्रदेश के अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर भ्रूण लिंग परीक्षण किया जा रहा है। जिन्हें अन्य प्रदेशों से भी लोग आकर खुलेआम करा रहे थे। जिसकी जानकारी लगने पर शासन ने प्रदेश के अल्ट्रासाउंड सेंटरों में भ्रूण लिंग परीक्षण पर पाबंदी लगा दी और सेंटरों पर नजर रखने के लिए मुखबिर योजना शुरू की। बावजूद इसके सेंटरों पर लिंग परीक्षण खुलेआम किया जा रहा है। योजना शुरू होने के बाद हरियाणा की टीम ने छापा मारकर कई सेंटरों को रंगेहाथों पकड़ा। वहीं, जनपद का स्वास्थ्य विभाग जानकारी मिलने के बाद भी सेंटरों पर लगाम लगाने में नाकाम रहा और आज तक एक भी मुखबिर सामने नहीं आ सका। जबकि प्रशासनिक अफसरों के सेंटरों पर निरीक्षण करने के दौरान बिना चिकित्सक परामर्श के अल्ट्रासाउंड करने के मामले प्रकाश में आ चुके हैं। सीएमओ डॉ. केएन तिवारी ने बताया कि लोगों से संपर्क बनाकर भ्रूण हत्या और सेंटरों पर लिंग परीक्षण की सूचना देने के लिए मदद मांगी गई, लेकिन अभी तक कोई भी मुखबिर बनने के लिए आगे नहीं आया है।