गंगा कटान से आश्रम की दीवार गिरी
बुलंदशहर। बारिश के चलते गंगा उफान पर है। जिससे कटान की स्थिति बनी हुई है। जनपद में कई स्थानों पर कटान के कारण कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए और आश्रम की दीवार पूरी तरह से गिर गई। डीएम ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ राजघाट में गंगा कटान की पूरी जानकारी ली और संबंधित विभाग को तत्काल बालू से भरे बोरों से पेंचिंग करने का निर्देश दिया। तीन शिफ्टों में अधिकारियों की ड्यूटी लगाए जाने की बात डीएम ने कही।
पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश होने के कारण गंगा व अन्य नदियां उफान पर है। इसका असर जनपद में भी देखने को मिल रहा है। गंगा का जल स्तर बढ़ने से पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। जिससे कटान की समस्या खड़ी हो गई है। रविवार को डीएम रविंद्र कुमार ने कई विभाग के अधिकारियों के साथ राजघाट स्थित गंगा का निरीक्षण किया। डीएम ने कटान पर प्रशासन द्वारा एक कंट्रोल रूम की स्थापना की है। जिसमें 24 घंटे राजस्व, सिंचाई, बिजली एवं अन्य संबंधित विभागों केे अधिकारियों की डयूटी रहेगी। तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों के मोबाइल नंबर भी दिए है, जिनपर किसी भी घटना से संबंधित सूचना दर्ज कराई जाएगी। बता दे कि राजघाट में पिछले दो दिन से गांव की ओर कटान हो रहा है। कुछ मकान कटान की जद में है। राजघाट में गंगा किनारे बना गंगा पार्क आश्रम पूरी तरह कटान की जद में आ गया है। आश्रम का आधा भाग कटान से धाराशायी हो गया है। डीएम रविन्द्र कुमार ने स्टीमर में सवार होकर गंगा किनारे हो रहे कटान का जायजा लिया। इसके बाद डीएम ने ड्रेनेज खंड प्रथम मेरठ के अधिशाषी अभियंता द्रोण कुमार को शीघ्र ही कटान रोकने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। जिसके बाद ड्रैनेज खंड़ द्वारा बांस बल्ली एवं बालू रेत से भरे बोरे लगाने का कार्य कटान रोकने को किया जा रहा है। राजघाट ग्राम प्रधान पति ओमवीर सिंह ने डीएम को बताया कि गत वर्ष ड्रेनेज प्रथम मेरठ द्वारा कटान के स्थाई समाधान के लिए परियोजना तैयार की थी। जिस पर अभी कार्य नहीं हो सका है। जिस पर एक्सईएन द्रोण कुमार ने बताया कि 11 करोड़ 27 लाख की अनुमानित लागत वाली बाढ़ नियंत्रण परियोजना बनाई थी। जो तकनीकि सलाहकार समिति से पास होंने के बाद स्थायी संचालन समिति में लंबित है। जिस पर डीएम रविन्द्र कुमार ने इसे दिखवाने तथा इसके शीघ्र स्वीकृति कराने हेतु पत्र शासन को भेजने का आश्वासन ग्रामीणों को दिया।
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डीएम के दौरे के बाद ग्रामीणों में जागा भरोसा
बुलंदशहर/ नरौरा। राजघाट के ग्रामीणों ने बताया कि गंगा पार्क आश्रम के गिरने के बाद गंगा के कटान से नमामि गंगा के तहत बनाए गए शवदाह गृह के भी क्षतिग्रस्त होने की आशंका है। ग्रामीणों ने बताया कि गंगा पार्क आश्रम के कटते ही गंगा का कटान गांव की ओर को बढ़ जाएगा। जिससे गांव के किनारे के मकानों के कटान की जद में आने की आशंका है। जिसे लेकर दहशतजदां ग्रामीण जिले के बड़े अधिकारियों के दौरे से कटान रोकने की दिशा में कार्य होंने की संभावना का लेकर कुछ आश्वस्त नजर आ रहे है।
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नरौरा बैराज पर लो फ्लड की श्रेणी में गंगा का जलस्तर
बुलंदशहर/ नरौरा। नरौरा गंगा बैराज पर लो फ्लड की श्रेणी में चल रही गंगा नदी का जल स्तर स्थिर बना हुआ है। नरौरा बैराज के बरिष्ठ जल लेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि बैराज कुल पानी की उपलब्धता 125840 क्यूसेक बनी हुई है। बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में 112285 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। जबकि बैराज से निकली एलजीसी नहर में 7039 व पीएलजीसी नहर में 6516 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। गत दिवस से जल स्तर स्थिर बना हुआ है।
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बाढ़ग्रस्त गंगा में सैकड़ाें बीघा फसल हुई जलमगभन
अनूपशहर। पहाड़ाें व मैदानी क्षेत्र क्षेत्रों में हो रही बारिश के चलते गंगा के जलस्तर में जबरदस्त इजाफा हुआ है जिससे गंगा ने रौद्र धरण कर लिया है। कस्बे के सभी घाट गंगा में डूब गये। बबस्टरगंज घाट पर गंगा घाटों को पार कर आरतीस्थल पर बह रही है। वहीं लाल महादेव घाट पर भी गंगा घाटो ंसे आबादी की ओर आ गयी है। गंगा खादर के गांवों में गंगा का पानी अब जंगल से बढ़कर खेतों में पहुंच गया है। जिससे सैकड़ौ बीघा ज्वार ,बाजरा गन्ना, अरबी आदि की फसल जलमगभन हो गयी है। जिससे पश्ुापालकों को चारे की दिक्कत होनी शुय हो गयी है। जंगली जीवों के घरोंदें भी पानी की चपेट में आने से जंगली जीव सर्प आदि आबादी की ओर जा रहे हैं। जिससे ग्रामीणों को दिक्कतों का समाना करना पड़ रहा है। एसडीएम सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि अभी आबादी को कोई खतरा नहीं है। प्रशासन गंगा के जलस्तर पर सतर्कता से निगाह बनाये हुए हैं।