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पेड़, विद्युत पोल गिरने से दबे तीन ई-रिक्शा, मची भगदड़

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अस्पताल रोड पर बारिश के दौरान गिरा नीम का पेड़ के नीचे से होकर निकलती नगर कोतवाल अरूणा राय। - फोटो : BULANDSHAHR
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पेड़, विद्युत पोल गिरने से दबे तीन ई-रिक्शा, मची भगदड़
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बुलंदशहर। जनपद में मंगलवार को हुई भारी बारिश राहत के साथ विभिन्न स्थानों पर आफत भी लेकर आई। नगर क्षेत्र में मुख्य बाजार मार्ग (कालाआम-अंसारी चौक) पर एक इंटर कालेज के सामने एक विशालकाय पेड़ गिर गया। जिसकी चपेट में आने से बिजली के तीन खंभे भी टूटकर गिर गए। उसकी चपेट में वहां से गुजर रहे तीन ई-रिक्शा आ गए। हालांकि ई रिक्शा चालकों और बारिश के बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़े लोगों ने भागकर जान बचाई।
नगर क्षेत्र के कालाआम से अंसारी चौक रोड स्थित एक इंटर कालेज के सामने नाला निर्माण का कार्य चल रहा है। मंगलवार को बारिश के दौरान नीम का एक विशालकाय पेड़ सड़क पर आ गिरा। पेड़ की चपेट में आकर बिजली के तीन खंभे की टूटकर गिर गए। पेड़ के नीचे खड़े तीन ई-रिक्शा, एक दोपहिया वाहन व एक कार उसकी चपेट में आ गए। हालांकि इनमें बैठे लोगों और पेड़ के नीचे खड़े लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई।
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सूचना पर पहुंची नगर कोतवाली पुलिस ने पेड़ के नीचे दबे ई-रिक्शा व अन्य वाहनों को बाहर निकलवाया। खुद नगर कोतवाल अरुणा राय व उनकी टीम जूते उतार कर कीचड़ भरे पानी में उतर गए। इसके बाद नगर कोतवाल ने साठा रोड पर दुर्घटनाग्रस्त एक कार को धक्का लगवाकर किनारे कराया और वहां लगे जाम को खुलवाया। जिसके बाद से सोशल मीडिया पर नगर कोतवाल समेत उनकी टीम की प्रशंसा हो रही है।
पालिका चेयरमैन के खिलाफ हुई नारेबाजी
पेड़ गिरने के बाद मौके पर लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। लोगों ने नगर पालिका चेयरमैन व अधिकारियेां के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान चेयरमैन मनोज गर्ग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने उनके सामने विरोध करते हुए समस्या रखी। इसके बाद चेयरमैन ने लोगों को आश्वासन देकर शांत किया और कर्मचारियों को बुलाकर राहत कार्य में जुटने के निर्देश दिए।
शहर की सड़कों पर लगा लंबा जाम
बारिश के कारण शहर की विभिन्न सड़कों पर जलभराव हो गया। इस कारण शहर की मुख्य सड़कों पर दिनभर जाम लगा रहा। जिसे ट्रैफिक पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद खुलवाया। मुख्य रूप से कालाआम से दिल्ली रोड, स्याना अड्डा रोड, कृष्णा नगर आदि मार्ग जाम से हांफते नजर आए।
फोटो समाचार
गढ़ हाईवे पर धंसी सड़क, पलटा ट्रक
औरंगाबाद। बारिश के कारण बुलंदशहर-औरंगाबाद-गढ़ हाईवे पर मंगलवार को औरंगाबाद स्थित नवीन अनाज मंडी के सामने जमीन करीब 10 फिट धंस गई। जिस कारण हाईवे पर बदरपुर से भरा ट्रक पलट गया। चालक-परिचालक ने कूदकर अपनी जान बचाई। हाईवे धंसने से जाम लग गया। सूचना पर सैंकड़ों लोग मौके पर पहुंचे और दोनों तरफ के वाहनों की आवाजाही पूर्ण रूप से रोक दी गई। जिस कारण हाईवे पर भीषण जाम लग गया। हादसे के करीब आधा घंटे बाद इंस्पेक्टर पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। लोगों ने पुलिस से रूट डायवर्ट करने की मांग की।
सीही के कारण तो नहीं हुआ यह हादसा
औरंगाबाद। नवीन अनाज मंडी के सामने हाईवे के किनारे करीब 20 फिट गहरी खाई है। जिसका रकबा करीब दस बीघा है। जिसमें दर्जनों सीही रहती है। प्रत्यक्षदर्शियों का मानना है कि सीही ने हाईवे के नीचे दूसरे तरफ को जाने के लिये रास्ता बनाया होगा। जिस कारण मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश के दौरान हाईवे की जमीन दस फिट नीचे धंस गई।
कोट
मूसलाधार बारिश के कारण हाईवे की जमीन नीचे बैठने के कारण बड़े वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। फिलहाल बड़े वाहनों के लिये रूट डायवर्ड करा दिया गया है। बुलंदशहर से आने वाले वाहन जहांगीराबाद और अगौता की ओर से आयेंगे। जबकि गढ़ से बुलंदशहर जाने वाले वाहन स्याना से होते हुए अगौता और गुलावठी के लिये रवाना होगें।
- अवधेश त्रिपाठी इंस्पेक्टर औरंगाबाद
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एक बारिश भी नहीं झेल पाए ‘अफसरों के दावे’
फोटो समाचार
- बारिश से जलमग्न हुई शहर की सड़कें और गलियां
- नाले-नालियों की सफाई न होने से घरों और दुकानों में घुसा गंदा पानी
माई सिटी रिपोर्टर
बुलंदशहर/गुलावठी/ अनूपशहर/औरंगाबाद। पालिका द्वारा मानसून से पूर्व नाला और नालियों की साफ-सफाई का दावा किया गया था। लेकिन मंगलवार को हुई बारिश में पालिका के दावे की पोल खुल गई। शहर की अधिकांश सड़कें और गलियां जलमग्न हो गईं। नालों और नालियों के चोक होने से सड़कों और गलियों पर बह रहा गंदा पानी घरों और दुकानों में घुस गया।
वहीं, नगर में चल रही सीवर लाइन की खुदाई के चलते सड़कें बैठने से अधिकांश वाहन गड्ढों में फंस गए। नगर के शनिदेव मंदिर रोड पर सीवर लाइन के गड्ढे में एक कार फंस गई। जिसे लोगों ने काफी मशक्कत कर गड्ढ़े से निकाला। वहीं, कई वाहन सवार गड्ढों में गिरने से चोटिल भी हो गए। कुछ वाहन सवारों को खुले नाले में गिरने से लोगों ने बचाया। गुलावठी में कई स्थानों पर जलभराव हो गया। पुरानी मंडी, मोहल्ला रामनगर, मैन बाजार, नई मंडी एवं मोहल्ला श्यौदत्त और रेलवे अंडरपासों में पानी भर गया। बारिश से आसिफाबाद चन्द्रपुरा, फूटा अट्टा एवं ग्राम अकबरपुर झोझा स्थित अंडरपासों में पानी भरने के कारण ग्रामीणों को अन्य रास्तों से जाना पड़ा। अनूपशहर के गांव रौरा प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय के आगे की सड़क पर पानी के भर जाने से स्कूली बच्चों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
पूर्व बीडीसी ज्ञानेंद्र सिंह राघव ने स्कूल के आगे की करीब पांच सौ मीटर सीसी सड़क बनाने तथा नाली बनाये जाने की प्रशासन से मांग की है। औरंगाबाद क्षेत्र में नगर के चामुंडा मंदिर परिसर, नागेश्वर शिव मंदिर मार्ग जलमग्न हो गया। बालका मोड निकट तालाब पर अतिक्रमण होने के कारण मंदिर मार्ग और झबुआ कालोनी में मकानों में बारिश का पानी भर गया। मोहल्ला देहली दरवाजा, नई बस्ती, भावसी मार्ग, स्याना सिकन्द्रा आदि मोहल्लों में भी बारिश का पानी भर गया। वहीं सदर बाजार के मुख्य मार्ग भी जलमग्न हो गया और व्यापारियों की दुकानों में पानी भर गया। गांव ईलना, जाड़ौल, पर्वाना, बालका आदि गांवों में भी पानी मकानों में भर गया।
बरसात में भी चल रहा नाला निर्माण
पालिका द्वारा नगर में कई स्थानों पर नाला निर्माण कार्य कराया जा रहा है। जो बारिश आने से पूर्व करा लेना चाहिए थे। पूर्व में नाला निर्माण को लेकर नगरवासी और व्यापारी विरोध जता चुके है। इसके बाद भी नाला निर्माण का कार्य चल रहा है। जिससे संबंधित मार्ग पर बारिश के ना होने पर भी जलभराव की समस्या बनी रहती है। वहीं, दूसरी ओर नगर के अधिकांश नाले अभी भी चोक पड़े है। जिनकी साफ-सफाई का कार्य भी अभी तक नहीं हुआ है। साफ-सफाई न होने से नाले का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है।
इन क्षेत्रों में हुआ जलभराव
नगर के कालाआम चौराहा, अस्पताल रोड़, ईदगाह रोड़, टीचर्स कालोनी, आनंद विहार, रोडवेज अड्डा, अंसारी रोड़, बूरा बाजार, लल्लाबाबू चौराहा, कचहरी, चांदपुर रोड़, डीएवी तिराहा, डीएम रोड़, पुलिस लाइन, चौक बाजार, राम विहार, लक्ष्मी नगर, सुंदरपुरी, कांशीराम कालोनी, स्याना अड्डा, राधानगर, देवीपुरा, आवास विकास कालोनी, सुशीला विहार प्रथम, नजीमपुरा, हंस विहार, शेख सराय समेत दर्जनों मोहल्ले और मार्ग पर बारिश शुरू होने से समाप्त होने के कई घंटों बाद भी जलभराव की समस्या बनी रही। वहीं, नगर स्थित कई स्कूलों में भी पानी का जलभराव हो गया। इस दौरान सर्वाधिक परेशानी पैदल चलने वाले राहगीरों को उठानी पड़ी।
कोट
सीवर लाइन कार्य के चलते कुछ स्थानों पर सड़क धंसने की शिकायत मिली है। कुछ स्थानों पर जलभराव की समस्या मिलने पर सफाई कर्मचारियों को भेजकर समाधान कराया गया है। साथ ही नाले की साफ-सफाई के लिए भी कर्मचारियों को निर्देश दिए है। - डॉ. पंकज सिंह, अधिशासी अधिकारी
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बारिश से 600 गांवों की बिजली गुल
माई सिटी रिपोर्टर
बुलंदशहर। जनपद में कई कस्बों और देहात में अलग-अलग समय पर बारिश आई, लेकिन बारिश केे शुरू होते ही बिजली गुल हो गई। जहांगीराबाद में तो रात से ही बिजली नहीं आई थी। अधिकारियों के अनुसार रात को फाल्ट हो गया था और फिर सुबह करीब सात बजे बारिश शुरू होने के कारण आपूर्ति बंद हो गई। बीबीनगर, अनूपशहर, जहांगीराबाद, अहमदगढ़, शिकारपुर, पहासू, डिबाई आदि कस्बों और तहसीलों में बिजली गुल तो हो ही गई, इनसे संबंधित गांवों की आपूर्ति भी ठप है।
पावर कारपोरेशन के एक कर्मचारी के अनुसार करीब 600 गांवों व तहसीलों की आपूर्ति ठप हो गई है। वहीं, शहर में सुबह सवा दस बजे बिजली गुल हो गई और देर शाम बहाल हो पाई। जहांगीराबाद निवासी राजीव पंडित ने बताया कि रात को बिजली न होने से लोगों ने पावर कारपोरेशन के अधिकारियों से कारण पूछा तो उन्होंने लोकल फॉल्ट कहकर टाल दिया, लेकिन सुबह भी बिजली नहीं आई। करीब 15 घंटे तक बिजली ठप रही। वहीं, अनूपशहर निवासी महेश ने बताया कि बिजली का बहुत बुरा हाल है। नगर निवासी सुमित ने बताया कि पिछले कई दिनों से बिजली की अघोषित कटौती ने रूला रखा है।
इंसेट
रात भर अंधेरे में रहे चांदपुर रोड निवासी
बुलंदशहर। सोमवार की शाम चांदपुर रोड की बिजली गुल हो गई। जिससे शिवकालोनी, यमुनापुरम रोड, अंबा कालोनी, हरिएन्क्लेव आदि आधा दर्जन कालोनियों में अंधेरा छा गया। बिजली अधिकारियों से बात करने पर पता चला कि ट्रांसफार्मर में फाल्ट आने से आपूर्ति बंद हुई थी। देर रात करीब दो बजे जाकर ही आपूर्ति बहाल हो पाई।
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कोट
नगर में बारिश की वजह से पेड़ बिजली के तीन खंभो पर गिर गया था। जिससे शहर के कई इलाकों में आपूर्ति बंद कर दी गई थी। बाकी बारिश में आपूर्ति बंद कर दी थी ताकि कोई बिजली से हादसा न हो पाए। बारिश के बाद आपूर्ति सुचारू करा दी गई।
- आरपीएस तोमर, चीफ इंजीनियर
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