डरें नहीं छात्राएं, निडर होकर करें हर मुसीबत का सामना
बुलंदशहर। अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स और महिला सुरक्षा अभियान कवच के तत्वावधान में शनिवार को आजाद पब्लिक स्कूल में पुलिस की पाठशाला की पाठशाला का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि सीओ क्राइम दीक्षा सिंह ने छात्राओं को निडर होकर हर मुसीबत का डटकर सामना करने का आह्वान किया। साथ ही मिशन शक्ति के तत्वावधान में जूडो-कराटे प्रशिक्षकों ने छात्राओं को बचाव के टिप्स दिए। पाठशाला में स्कूल की करीब 400 छात्राओं ने भागीदारी की और अपनी सुरक्षा स्वयं करने की शपथ भी ली।
सीओ दीक्षा सिंह ने छात्राओं से कहा कि अब महिलाएं किसी से कमजोर नहीं हैं, वह अपनी सुरक्षा स्वयं कर सकती है। वह आत्मनिर्भर हैं और इसके लिए जरूरी है अंदर छिपी अपनी शक्ति को पहचानने की। यदि उनके साथ कुछ बुरा होता है या फिर छेड़खानी होती है तो उसे छिपाए नहीं। इससे अपने अभिभावकों को अवगत कराएं और पुलिस की भी मदद लें। वह अपनी शिकायत पुलिस के नंबर 100 के अलावा वीमेन पावर लाइन 1090 पर शिकायत कर सकती हैं। शिकायत करने वाली छात्रा का नाम गुप्त रखा जाता है और उसे थाने आने की भी जरूरत नहीं होती है। उन्होंने छात्राओं को अपनी सुरक्षा स्वयं करने की शपथ दिलाते हुए कहा कि वह बुलंदी से रहें, आगे बढ़ें और अपराध को कभी भी न सहें। स्कूल के प्रेसीडेंट सारिक आजाद और प्रधानाचार्य नितेश कुमार ने भी छात्राओं को जागरूक करते हुए सीओ दीक्षा सिंह द्वारा दी गई जानकारी को अमल करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इस मुहिम की भी सराहना की। कराटे प्रशिक्षक एडवोेकेट शिवांगी कौशिक ने अपनी कविता ‘मैं नारी शक्ति को महिमा मंडित करने निकली हूं, मैं चिंगारी को आग लगाने निकली हूं’ सुनाकर छात्राओं में जोश का संचार किया। मंच संचालन छात्रा जोया इकबाल ने किया। कार्यशाला का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस दौरान विद्यालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
प्रशिक्षकों ने यूं बताए बचाव के टिप्स
महिलाओं को जागरूक करने के लिए शुरू किए गए मिशन शक्ति की कराटे प्रशिक्षक एडवोकेट शिवांगी कौशिक और उनकी सहयोगी चंचल गुप्ता ने छात्राओं को बचाव के टिप्स बताए। उन्होंने बताया कि यदि कोई पीछे पकड़ता है तो किस तरह से छुड़ाया जाए। हाथ पकड़ने और चोटी पकड़ने आदि से बचाव के भी आसान तरीके बताकर छात्राओं का प्रैक्टिकल के माध्यम से मार्गदर्शन किया। उन्होंने आरोपी के कान, नाक और आंख जैसे संवेदनशील अंगों पर भी वार कर आगे वाले को चित करने का तरीका बताया। इसके बाद छात्राओं ने भी उनके द्वारा दिए गए टिप्स का शानदार प्रदर्शन किया।
बोली छात्राएं...
इस मुहिम के लिए मै सभी का आभार करती हूं कि महिलाओं, खासकर छात्राओं को जागरूक करने के लिए यह एक अनूठी पहल है। - छात्रा दीपिका।
पुलिस पाठशाला से बहुत कुछ जानने को मिला। इन सभी बातों पर अमल करूंगी और दूसरी सहयोगी छात्राओं को भी यहां बताई गई बातों को शेयर करूंगी। - छात्रा रश्मि शर्मा।
यह कहना चाहती हूं कि छात्राएं खुद को कमजोर नहीं समझें। आज हम प्रत्येक क्षेत्र में लड़कों के साथ कदमताल कर रही हैं। अब समय कमजोर बनने का नहीं, बल्कि अपराजिता बनने का है। - प्रेरणा सिंह।
एक बात तो यह है कि जब तक हम किसी का विरोध नहीं करेंगे, तब तक उससे निजात नहीं मिल सकती। यदि हम घर में किसी बात को लेकर जिद करते हैं तो बाहर शरारती तत्वों से मुकाबला क्यों नहीं कर सकती। - शिल्पी।
हमारी सुरक्षा को लेकर जब शासन से लेकर पुलिस प्रशासन सजग है तो हमें अब डरने की नहीं, बल्कि डटकर मुकाबला करने की जरूर है। यदि हम ऐसा नहीं कर पाती हैं तो होने वाले अपराध से छुटकारा नहीं पा सकते। - लक्ष्मी।
सीओ मैम ने कहा कि हमें डरना नहीं चाहिए। बल्कि अपनी सुरक्षा के साथ भाई की भी सुरक्षा करने का जज्बा होना चाहिए। ऐसा हर छात्रा को करना होगा। - छात्रा भूमि।