फसल का अवशेष जलाने वाले, 28 किसानों से वसूले 56 हजार
बुलंदशहर। जिले में रोक के बाद भी फसल अवशेष जलाने वाले 28 किसानों से कृषि विभाग ने 56 हजार रुपये का जुर्माना वसूल लिया है। अधिकारियों के अनुसार यह जुर्माना किसानों पर नियमानुसार लगाया गया है। इस बार जिले में धान की पराली और गन्ने की पत्ती जलाने के 32 मामले सामने आए हैं।
उप कृषि निदेशक डिपिन कुमार ने बताया कि फसल अवशेष जलाना कानूनी अपराध है और ऐसा करने पर संबंधित किसान को जुर्माना लगाने का प्रावधान है। फसल अवशेष न जलाने के लिए कृषि विभाग की ओर से किसानों को जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें इसके नुकसान से भी अवगत करवाया गया था। साथ ही दिल्ली से सेटेलाइट के माध्यम से पैनी नजर रख गई। जिले में 30 नवंबर तक फसल अवशेष जलाने के 32 मामले सामने आए। इनमें से चार मामले ऐसे रहे, जहां पर फसल अवशेष जलाने की पुष्टि नहीं हो सकी। जबकि 28 स्थानों पर फसल अवशेष जलाने के मामले सामने आने पर इनसे संबंधित किसानों पर 56 हजार रुपये का जुर्माना लगाकर राशि वसूल कर ली है। उन्होंने बताया कि जिन किसानों से जुर्माने की राशि वसूल की है। उनमें चार किसान धान की पराली जलाने वाले और सात किसान गन्ने की पत्ती जलाने वाले शामिल रहे। जबकि 17 किसान ऐसे शामिल रहे, जिन्होंने अन्य तरह के कूड़ा-करकट में आग लगाई थी। इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
इस समय विभाग की ओर से गन्ने की पत्तियां जलाने वाले किसानों पर विभाग की नजर है। यदि कोई किसान गन्ने की पत्ती जलाता है तो उस पर जुर्माना लगाकर कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर जिला गन्ना अधिकारी बृजेश पटेल ने गन्ना उत्पादक किसानों को चेतावनी दी है कि वह फसल की पत्तियों को किसी भी सूरत में न जलाए। यदि कोई किसान ऐसा करता है तो उसका गन्ना बांड कैंसल कर चीनी मिलों को बेचे गए गन्ने का भुगतान रोकने की कार्रवाई की जाएगी। अभी तक सात ऐसे किसानों के बांड कैंसल किए जा चुके हैं, जिन्होंने गन्ने की पत्तियां जलाई हैं। गन्ने की पत्तियां जलाने की घटनाओं पर विभाग की पैनी नजर है।