खेतों में जलाई गई पराली, तीन पर रिपोर्ट
बुलंदशहर। खेतों में पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई है। औरंगाबाद क्षेत्र में तीन किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। जबकि डीएम ने मामले में उप कृषि निदेशक और जिला कृषि अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही सिकंदराबाद क्षेत्र के गांवों में निरीक्षण करते हुए पराली जलाने पर ग्राम पंचायत सहायक को निलंबित करने के आदेश दिए हैं।
पराली जलाने से रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसके बाद भी खेतों में पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। मंगलवार को डीएम सीपी सिंह, एडीएम वित्त विवेक मिश्र, एसडीएम सिकंदराबाद ने सिकंदराबाद क्षेत्र के गांव कांवरा में खेतों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पता चला कि भू-स्वामी भूरो देवी निवासी गांव कैमराला तहीसल दादरी द्वारा अपनी भूमि पेशगी पर विजयपाल निवासी गांव हृदयपुर सिकंदराबाद को दी गई है। साथ ही भू-स्वामी हाजी अब्दुल करीम निवासी सेगियावाड़ा, सिकंदराबाद द्वारा अपनी भूमि पेशगी पर आरिफ अली निवासी ग्राम कांवरा सिकंदराबाद को दी गई है। दोनों ही किसानों ने अपने खेतों में पराली जलाई थी। अब इनके खिलाफ जुर्माना लगाने और ग्राम पंचायत सहायक को निलंबित करने के आदेश दिए हैं।
उप कृषि निदेशक समेत दो को कारण बताओ नोटिस
दो दिन में पराली जलाने की घटनाएं लगातार सामने आने के बाद डीएम ने अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने उप कृषि निदेशक और जिला कृषि अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्वयं मौके पर जाकर पराली की घटना का निरीक्षण किया। खुर्जा तहसील के हसनपुर लडूकी गांव में हरि और स्याना तहसील और ऊंचागांव ब्लॉक के पिलखनी गांव के निवासी राकेश, पसोली गांव निवासी सतवीर सिंह के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। उक्त सभी किसानों से ढाई-ढाई हजार रुपये जुर्माना लगाने के भी आदेश दिए हैं। एडीएम वित्त को आदेश दिए कि जिले को सेक्टर और जोन में बांटकर सेक्टर मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई जाए। बुलंदशहर को सेक्टर और जोन में विभाजित कर मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई जाए जिससे पराली की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो सके इसके पश्चात जिलाधिकारी बुलंदशहर द्वारा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कार्यालय एवं उनकी एक यूआई नापने वाली मशीन का निरीक्षण भी किया गया और संबंधित अधिकारियों को अधिक से अधिक वाटर स्प्रिंकलिंग एवं प्रदूषण रोकने हेतु अन्य उपाय अपनाए जाने का निर्देश दिया
तीन किसानों के खिलाफ एफआईआर
औरंगाबाद। क्षेत्र के गांव मूढ़ी बकापुर में सोमवार देर शाम एक किसान ने अपने खेत में पड़ी पराली में आग लगा दी। सैटेलाइट से तस्वीरें लखनऊ पहुंची तो अधिकारियों में खलबली मच गई। पराली जलाने की घटना की जानकारी मिलते ही अधिकारियों ने गांव निवासी सतवीर सिंह ने पराली में आग लगाने के बाद खेत की जुताई कर दी। इसके बाद मंगलवार को एसडीएम सदर रेनू ने मौके पर पहुंचकर आरोपी किसान के खिलाफ ढाई हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इसके बाद गांव जितेंद्र शर्मा उर्फ रामकुमार शर्मा और कमल सिंह को पराली जलाते हुए मौके से पकड़ लिया। तीनों पर जुर्माना लगाने के अलावा औरंगाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। एसडीएम रेनू ने कहा कि पराली जलाने के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है।
पराली जलाने के खिलाफ एडीएम ने किया जागरूक
ऊंचागांव। मंगलवार को एडीएम प्रशासन डॉ. प्रशांत कुमार ने गांव पिलखनी के पंचायत सचिवालय पर पहुंचकर किसानों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि पराली को जलाने के बजाए उसका अपने ही खेतों में निस्तारण करें। पराली जलाने से वायु प्रदूषण होता है। जिससे कई प्रकार की सांस संबंधी बीमारी होने के साथ-साथ भूमि की उर्वरा शक्ति भी खत्म हो जाती है। इस अवसर पर किसान सुभाष, केशव, प्रेमचंद, चंद्रभान, सागर, नगमा, आशू, शकील, सलमू मौजूद रहे।