पुलिस की वर्दी में आए बाइक सवार बदमाशों ने लूटे 18.30 लाख
बुलंदशहर/खुर्जा। अरनिया थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे 91 पर तीन बदमाशों ने पुलिस की वर्दी पहनकर कार सवार दिल्ली निवासी बीड़ी कंपनी के कर्मचारी की कार और करीब 18.30 लाख रुपये की नगदी लूट ली। हालांकि, वारदात स्थल से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर उसकी कार मिल गई। लेकिन, बदमाश रकम लेकर भाग निकले। शनिवार देर रात पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। हालांकि, अभी तक बदमाशों को पकड़ा नहीं जा सका है।
पूर्वी दिल्ली के शास्त्री पार्क डीडीए फ्लैट निवासी मोहम्मद सिराज पुत्र मुफीजम उलाहम ने शनिवार देर शाम अरनिया थाना पुलिस को तहरीर दी। जिसमें उसने बताया कि वह अपने साथी मुन्ना पुत्र अब्दुल कय्यूम निवासी शांति पार्क दिल्ली के साथ कार से शनिवार को हाथरस जनपद के सासनी क्षेत्र में गया था। वह वहां अपनी फर्म एसएन बीड़ी फैक्टरी का कलेक्शन करने गया था। वहां से वह दोपहर करीब एक बजे दिल्ली के लिए रवाना हुए। बताया गया कि वह नेशनल हाईवे 91 पर अरनिया थाना क्षेत्र स्थित एक ढाबा से दोपहर करीब तीन बजे कार लेकर निकले थे। इस दौरान कुछ दूर चलते ही पीछे से एक अपाचे बाइक पर तीन लोग आए जो पुलिस की वर्दी पहने थे ओर ऊपर से जैकेट पहने हुए थे। आरोपियों ने अपनी बाइक को उनकी कार के आगे लगाकर रोक लिया। इसके बाद बदमाशों ने कहा कि तुम पीछे सड़क दुर्घटना करके आए हो। पीड़ित ने इनकार किया तो दोनों आरोपियों ने उनसे कहा कि यहीं सेटलमेंट कर लो और पीछे की सीट पर आकर बैठो। आरोप है कि पीड़ित और उसका साथी कार से उतरकर पीछे की ओर आने लगे तो आरोपी उन्हें धक्का देकर कार लेकर भाग निकले। जबकि, उनका तीसरा साथी बाइक लेकर भाग निकला। कार में पीछे डिग्गी में 9.30 लाख रुपये और आगे की तरफ करीब नौ लाख रुपये रखे हुए थे। दोनों पीड़ितों के फोन भी कार में ही रखे हुए थे। इस कारण वह पुलिस को भी सूचना नहीं दे पाए। इसके बाद वह राहगीरों से मदद लेकर करीब दो किलोमीटर दूर खुर्जा की ओर बढ़े तो उनकी कार सड़क किनारे स्टार्ट हालत में खड़ी हुई मिली लेकिन, बदमाश फरार थे। कार से रुपये भी गायब थे। अरनिया थाना पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। हालांकि, अभी तक बदमाशों को पकड़ा नहीं जा सका है। पुलिस मामले को प्राथमिक दृष्टया संदिग्ध मान रही है।
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‘लुटेरों’ की तलाश में खाक छानती रही तीन थानों की पुलिस
- खुद एसएसपी भी देर रात तक क्षेत्र में रहे, नहीं लग सका बदमाशों का सुराग
- करीब 10 घंटे बाद देर रात एक बजे हुई एफआईआर
- मामले को दबाने की कोशिश में जुटी रहीं अरनिया, खुर्जा नगर और देहात पुलिस
विकास वत्स
बुलंदशहर। खाकी में वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों की तलाश में देर रात तक तीन थानों की पुलिस खाक छानती रही। लेकिन, बदमाश पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहे। यही नहीं खुद देर रात तक एसएसपी भी क्षेत्र में थे और उनके सिपहसालार वारदात की जानकारी होने से इनकार करते रहे। पहले घटनास्थल की वास्तविक स्थिति को समझने में समय लगा, लेकिन बाद में देर रात करीब एक बजे अरनिया थाने में मामला दर्ज किया गया।
पीड़ित ने बताया कि जब आरोपी उनका पीछा कर रहे थे तो उन्होंने अपनी कार को नहीं रोका। लेकिन, जब आरोपियों ने कार के आगे अपनी बाइक लगाई और रुकने का इशारा किया तो वह यह समझ कर रुके कि पुलिसकर्मी हैं। लेकिन, बदमाशों ने उन्हें चकमा देकर कार और नगदी लूट ली। हालांकि, कार बरामद हो गई है, लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं लग सका है। मामले की जानकारी होते ही महकमे में भी अफरातफरी मच गई। अरनिया, खुर्जा नगर और खुर्जा देहात पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुट गई। लेकिन, बदमाशों का कोई सुराग नहीं लग सका। देर रात तक पुलिस मामले को दबाने के प्रयास में रही। बताया गया कि देर रात तक इस क्षेत्र में खुद एसएसपी भी अपनी टीम के साथ मौजूद थे। जब, एसएसपी के मातहतों से लूट के संबंध में जानकारी की गई तो उन्होंने क्षेत्र में लूट होने की किसी भी वारदात की जानकारी होने से इनकार कर दिया। जिससे साफ है कि पुलिस या तो मामले को दबाने की कोशिश कर रही थी या फिर अफसरों के सिपहसालारों को इस मामले की जानकारी ही नहीं थी।
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करीब दस घंटे बाद दर्ज हुई एफआईआर
वारदात दोपहर करीब तीन बजे से चार बजे के बीच होने की चर्चा है। जबकि, पुलिस शाम करीब छह बजे मामले की जानकारी होने की बात कह रही है। लेकिन, इसके बावजूद मामला देर रात करीब एक बजे दर्ज किया जा सका।
मुखबिर तंत्र हुआ फेल
हाईटेक युग में पुलिस अपना पारंपरिक खुफिया तंत्र यानी मुखबिरों को भुला चुकी है। चुनिंदा पुलिसकर्मी ही मुखबिर तंत्र का सहारा लेकर वारदातों के राजफाश कर रहे हैं। लेकिन, अधिकतर युवा पुलिसकर्मी मुखबिरों को भुला चुके हैं। यह भी वारदातों का राजफाश न होने का एक मुख्य कारण माना जा रहा है।
कर्मचारी ने दी टप्पेबाजी जैसी वारदात की सूचना : एसएसपी
रविवार सुबह एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि दिल्ली निवासी पीड़ित बीड़ी कंपनी कर्मचारी ने टप्पेबाजी जैसी घटना की सूचना अरनिया पुलिस को दी। जिसमें उन्होंने बताया कि अपाचे बाइक सवार पुलिस की वर्दी जैसे कपड़े पहने बदमाशों ने उनके साथ वारदात को अंजाम दिया है। पीड़ित पक्ष के द्वारा करीब तीन घंटे की देरी से सूचना दी गई थी। यह सूचना इंस्पेक्टर खुर्जा नगर को दी गई थी। जांच के दौरान सामने आया है कि दोपहर करीब 2.17 बजे इनकी कार ने टोल प्लाजा को पार किया, लेकिन इस तरह की कोई बाइक आधे घंटे तक आती जाती नहीं दिखाई दी। यही नहीं, सासनी में जहां से पैसे लाने की बात पीड़ित पक्ष ने बताई है वहां टीम भेजकर जांच पड़ताल की गई। जिसमें सासनी निवासी व्यापारी ने बताया है कि उसने आठ लाख रुपये ही दिए थे। जिससे साफ है कि पीड़ित पक्ष द्वारा रकम ज्यादा बताई जा रही है। यही नहीं वारदात स्थल से लेकर जहां पीड़ित की कार बरामद हुई उस बीच में एक कैमरे में इनकी कार जाते हुए दिखाई दे रही है, लेकिन आरोपी बाइक सवार नहीं नजर आ रहा। प्रारंभिक दृष्टया मामला संदिग्ध नजर आ रहा है। फिर भी मामले की गहनता से जांच पड़ताल कराई जा रही है।
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लूट की वारदातें हुईं बेलगाम, रोकना दूर पुलिस खुलासे में भी फेल
- शिकारपुर और डिबाई में सराफा व्यापारियों से हुई वारदातों का भी नही खुलासा
- अब नेशनल हाइवे पर बीड़ी कारोबारी से लूट ने कराई पुलिस की किरकिरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। जनपद में लूट की वारदातें बेलगाम हो रही हैं। पुलिस वारदातों को रोकना तो दूर खुलासे में भी फिसड्डी साबित हो रही है। नरौरा में सराफ हत्याकांड का खुलासा भी राजस्थान पुलिस ने किया। इसके बाद शिकारपुर और डिबाई क्षेत्र में हुई लाखों रुपये की लूट की वारदातों का राजफाश होना बाकी है और बदमाशों ने पुलिस की वर्दी पहनकर नेशनल हाईवे पर वारदात को अंजाम दे डाला।
जनपदभर में बीते कुछ दिनों में लूट की वारदातों में इजाफा हुआ है। इन वारदातों को रोकना पुलिस के लिए चुनौती हो रहा है। इनका खुलासा करना पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ है। बदमाशों ने गत 22 नवंबर को नरौरा थाना क्षेत्र में लूट के इरादे से सराफ की उसकी दुकान में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस वारदात के खुलासे के लिए पुलिस ने खूब जोर लगाया, लेकिन विफल रही। इस मामले के मुख्य आरोपी को राजस्थान पुलिस ने जब दबोचा तो इस वारदात का राजफाश हो सका। इसके बाद बदमाशों ने शिकारपुर थाना क्षेत्र में सराफा व्यापारी से हथियारों के बल पर करीब 35 लाख रुपये की लूट की वारदात को अंजाम दे डाला। इस वारदात के खुलासे के लिए पुलिस ने व्यापारियों से एक सप्ताह का समय मांगा था। वारदात को 26 दिन से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन खुलासा तो दूर पुलिस बदमाशों की शिनाख्त करने में भी फेल साबित हो रही है। यही नहीं, करीब दो माह पूर्व डिबाई थाना क्षेत्र में सराफ व्यापारी से हुई लूट की वारदात का खुलासा भी अभी तक पुलिस नहीं कर सकी है।