बुलंदशहर। नगर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी 16 वर्षीय किशोरी को 20 अक्तूबर 2017 को ट्यूशन जाते वक्त उसका ही जीजा अपहरण कर अपने साथ ले गया। आरोप है कि आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। मामले में अब न्यायालय ने आरोपी जीजा को दोषी मानते हुए दस वर्ष का सश्रम कारावास व 33 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है।
नगर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी मुकदमा वादिया ने 22 अक्तूबर 2017 को नगर कोतवाली में तहरीर दी थी। इसमें उन्होंने बताया कि उनकी 16 वर्षीय पुत्री गत 20 अक्तूबर को शाम करीब पांच बजे घर से ट्यूशन जाने की बात कहकर निकली थी। लेकिन ट्यूशन से वापस घर नहीं लौटी। परिजनों ने काफी खोजबीन की लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं लगा। 22 अक्तूबर को परिजनों को जानकारी हुई उनकी नाबालिग पुत्री को उनका बड़ा दामाद अपने अन्य परिजनों की मदद से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। उन्होंने पुत्री के साथ अनहोेनी की आशंका जताते हुए कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने मामले में तहरीर के आधार पर नामजद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की और किशोरी को बरामद कर लिया था। किशोरी ने पुलिस को बताया था कि आरोपी जीजा उसे अपहरण कर ले गया था, अज्ञात स्थान पर ले जाकर आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने बाद में दुष्कर्म की धारा तरमीम कर आरोपी को हिरासत में लेकर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। बाद में जांच पूरी कर आरोपी जीजा के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर न्यायालय में दाखिल कर दी थी। न्यायालय विशेष न्यायाधीश पॉक्साे अधिनियम ओम प्रकाश वर्मा तृतीय के न्यायालय ने अब दोनों पक्षों के गवाहों के बयान व साक्ष्यों का अवलोकन कर आरोपी जीजा को दोषी करार दिया है। साथ ही उसे दस वर्ष का कारावास व 33 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है। न्यायालय ने कहा कि अर्थदंड में से 25 हजार रुपये पीड़िता को बतौर प्रतिकर दिए जाएंगे।