बिलसूरी गांव के पास पावर कारपोरशन के वर्षों पुराने हेड ऑफिस को अचानक ध्वस्त करते देख ग्रामीणों ने संदेह होने पर हंगामा शुरू कर दिया। मजे की बात यह है कि ग्रामीणों ने बिजली अफसरों से शिकायत की तो उन्हें पता ही नहीं था कि पुराने ऑफिस को ध्वस्त किया जा रहा है।
विभागीय शिकायत पर पहुंचे एसडीएम ने तोड़फोड़ का काम रुकवाकर जांच के आदेश दिए हैं। उधर, बताया जा रहा है कि इस ध्वस्तीकरण के पीछे एक स्कूल संचालक का हाथ है। उसने जमीन पर कब्जा करने की नीयत से पुलिस से सांठगांठ कर यह तोड़फोड़ करा रहा था।
बिलसूरी के प्रधान विपुल चौधरी ने बताया कि हाईवे पर वर्षों पुराने विद्युत निगम के क्वार्टर हैं। हालांकि अब इसमें अस्थायी पुलिस चौकी है। बुधवार को विद्युत विभाग के क्वार्टरों को ध्वस्त करने का काम शुरू हो गया। क्वार्टर के बाहर हरे पेड़ों भी काट दिए गए।
क्वार्टरों के तोड़ने की जानकारी होने पर प्रधान ने कारपोरेशन अफसरों और एसडीएम से शिकायत की तो पता चला कि विभाग ने तोड़फोड़ का आदेश दिया ही नहीं है। इसके बाद बिजली विभाग की शिकायत पर मौके पर एसडीओ विवेक रोष, एक्सईएन संदीप बंसल आदि अधिकारी पहुंच गए।
हंगामा बढ़ता देख तोड़ने वाले कर्मी भाग खड़े हुए। एसडीएम सिकंदराबाद भी पहुंच गए। एसडीएम ने काम को रुकवाकर जांच के निर्देश दिए हैं। आरोप है कि एक स्कूल संचालक इस जमीन पर कब्जा करना चाहता है। इसीलिए इस सरकारी जमीन पर बिना प्रस्ताव के पुलिस अफसरों को बुलाकर पुलिस चौकी के निर्माण की पहल करा दी।
अब चौकी को दूसरे स्थान पर बनवाने की प्रक्रिया शुरू करा उस जमीन को अपनी जमीन में मिलाने की कोशिश को रही है।