मकान पर सीलिंग की कार्रवाई से आहत ब्रह्मकुमारी बहनों ने खुद पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आत्मदाह करने की कोशिश की। मौके पर मौजूद लोगों ने तीनों बहनों को समझाकर शांत कराया। ब्रह्मकुमारी बहनों का उग्र रूप देखकर कार्रवाई के लिए आए बीडीए और पालिका के अफसर भाग खड़े हुए।
एक ओर तीनों बहनों ने मोहल्ले के एक युवक पर उत्पीड़न का अरोप लगाते हुए उसकी शह पर ही बीडीए द्वारा कार्रवाई कराने का आरोप लगाया है। वहीं, दूसरी ओर अफसरों ने निर्माण को अवैध बताया है।
जानकारी के अनुसार नगर के चौधरीवाड़ा निवासी अनीता, मिथलेश, कुसुम तीनों बहनें ब्रह्मकुमारी हैं। ब्रह्मकुमारियों ने बताया कि हाल ही में उन्होंने चौधरीवाड़ा में 95 गज में मकान बनवाया है। तीन दिन पूर्व देर शाम ईओ और तहसीलदार ने उनके मकान के आगे बना चबूतरा तुड़वा दिया था।
सोमवार को बीडीए के एई अरविंद कुमार भवन निर्माण में नियमों का पालन नहीं करने का हवाला देते हुए पालिका की टीम के साथ मकान पर सीलिंग की कार्रवाई करने पहुंचे। इस दौरान कार्रवाई से आहत ब्रह्मकुमारियों ने खुद पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आत्मदाह करने की कोशिश की।
मौके पर मौजूद मोहल्ले के लोगों ने तीनों बहनों को किसी तरह शांत कराया। इस दौरान तीनों बहनों का उग्र रूप देखकर एई और पालिका की टीम मौके से भाग खड़ी हुई। बह्मकुमारियों ने मोहल्ले के ही एक युवक पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए उसके शह पर ही कार्रवाई की जाने की बात कही है।
‘95 मीटर में बना है मकान’
ब्रहमकुमारी बहनों का कहना है कि जिस क्षेत्र में उनका मकान बना है, वह नगर क्षेत्र के पुराने इलाके में आता है और मकान का क्षेत्र 95 मीटर है। इसलिए उस पर बीडीए का नियम लागू नहीं होता।
क्या हैं मानक
नगर क्षेत्र के पुरानी आबादी में 100 मीटर से अधिक क्षेत्र में भवन निर्माण करने के लिए पालिका से एनओसी लेने के अलावा बीडीए से नक्शा पास कराना पड़ता है।
तहसील दिवस में शिकायत के क्रम में मकान के आगे का चबूतरा तुड़वाया गया है। सील की कार्रवाई संज्ञान में नहीं है।-कन्हई सिंह, एसडीएम
भवन निर्माण में मानकों का पालन नहीं किया गया है। जिसके चलते सील की कार्रवाई की जा रही थी। - अरविंद कुमार, एई, बीडीए