सोमवार रात आई आंधी और बारिश ने जिले की बिजली व्यवस्था को एक बार फिर से पटरी से उतार दिया। आंधी से सैकड़ों बिजली के पोल और लाइनें टूट गईं। इसके चलते करीब 500 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
वहीं, पावर कारपोरेशन के अफसरों का कहना है कि विद्युत आपूर्ति दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया गया है, बृहस्पतिवार तक आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी। आंधी से सबसे अधिक विद्युत पोल शिकारपुर, ऊंचागांव, अहार, मोहरसा, औरंगाबाद, स्याना, बीबीनगर, बुगरासी क्षेत्र में गिरे हैं, अन्य स्थानों पर भी पोल गिरने की सूचना है।
वहीं, कई स्थानों पर विद्युत लाइनों के भी टूटने की सूचना आई है। मंगलवार निगम की ओर से टूटे पोल और लाइन को दुरुस्त करवाने का काम शुरू हो गया मगर देर शाम तक विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई। इन क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले 500 से अधिक गांव अंधेरे में हैं।
उधर, अधीक्षण अभियंता राकेश कुशवाहा का कहना है कि आंधी-बारिश से टूटे पोल और लाइन को दुरुस्त करने का काम जारी है। विद्युत आपूर्ति बृहस्पतिवार तक बहाल कर दी जाएगी। कारपोरेशन को हुए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।
वहीं, 22 बिजली के खंभे टूटने से सिकंदराबाद की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। सुबह तीन बजे खुर्जा विद्युत उपकेंद्र से नगर की आपूर्ति को बहाल किया गया। जेई प्रवेश गिरी ने बताया कि सोमवार शाम आई आंधी में औद्योगिक क्षेत्र स्थित रजपुरा में खंभे टूट गए। पोल टूटने के कारण नगर को विद्युत आपूर्ति देने वाले निजामपुर, तहसील विद्युत उपकेंद्र के सप्लाई पूरी तरह बंद हो गई थी।