जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीज की जांच करते चिकित्सक। संवाद
बुलंदशहर। लगातार बढ़ रही सर्दी लोगों की धड़कनों के साथ किडनी पर भी असर डाल रही है। जिले में पिछले माह हृदयगति रुकने से चार लोगों की मौत हो चुकी है। साथ ही उच्च रक्तचाप व सांस के मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। किडनी की बीमारी से जूझ रहे मरीजों की भी परेशानी बढ़ रही है। उनका रक्तचाप भी बढ़-घट रहा है। इससे परेशान मरीज प्रतिदिन अस्पतालों में पहुंच रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ और नेफ्रोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं है। इसके बावजूद प्रतिदिन जिला अस्पताल में किडनी और हृदय रोग के मरीज पहुंच रहे हैं। अस्पताल में किडनी के मरीजों के लिए सिर्फ डायलिसिस की सुविधा है और सप्ताह में एक दिन विशेषज्ञ आकर मरीजों की रिपोर्ट की जांच करते हैं। शेष दिन स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा डायलिसिस की जाती हैं। जिले में पिछले 20 दिन से बढ़ी सर्दी के चलते किडनी व हृदय रोगों की समस्या बढ़ी है।
आईएमए के अध्यक्ष एवं हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके गोयल ने बताया कि सर्दी व कोहरे में हृदय, सांस, उच्च रक्तचाप, ब्रेन हैमरेज के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। सर्दी में धमनियां तो कोहरे से सांस की नली सिकुड़ जाती है
वहीं, नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. सौबीर घोष ने बताया कि अनियमित दिनचर्या और बिगड़े खानपान से लोग कई प्रकार की बीमारी का शिकार हो रहे हैं। इसमें अधिक खराब का सेवन और मानसिक तनाव से बढ़ने वाले ब्लडप्रेशर से लोग किडनी के रोगी हो जाते हैं। इन दिनों किडनी इंफेक्शन के साथ ही किडनी फेल होने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।