उन्होंने बताया कि अकेली शिक्षिका होने के बावजूद उनको नगर की ज्ञान लोक कॉलोनी का एसआईआर का काम ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से सौंपा गया है। उन्होंने कहा है कि उन्होंने आवंटित कार्य का 50 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा कर लिया है, जबकि अधिकारियों के निर्देशों में लगातार बदलाव किया जा रहा है। पहले सभी प्रपत्र बांटने को कहा गया, फिर उन्हें जल्दी-जल्दी वापस लेकर ऑनलाइन फीडिंग का दबाव बनाया गया। पीड़ित शिक्षिका ने आरोप लगाया कि इतना काम करने के बावजूद भी उन्हें लगातार झूठी एफआईआर दर्ज कराने और निलंबन की धमकी दी जा रही है।
मानसिक प्रताड़ना की इस पराकाष्ठा से टूटकर शिक्षिका ने यह कदम उठाने का निर्णय लिया है। उन्होंने अधिकारियों से अनुरोध किया है कि उनके जाने के बाद बचा हुआ, 50 प्रतिशत काम सभी अधिकारी मिलकर पूरा कर लें। बेसिक शिक्षा अधिकारी लक्ष्मीकांत पांडेय का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है, शिक्षिका से बात की गई है, उनसे कहा गया है कि किसी अन्य से काम लिया जा रहा है, आप ऐसा कदम ना उठाएं। आपसे यह काम नहीं लिया जाएगा।
पत्र में लिखीं ये बातें-
'मैं रजनी, प्राथमिक विद्यालय ताजपुर में पिछले पांच साल से कार्यरत हूं। मैं पिछले पांच साल से लोकसभा, विधानसभा में बीएलओ के रूप में कार्य कर रही हूं। लेकिन, जब से एसआईआर का काम चला है, मुझे परेशान किया जा रहा है। मैं अकेली लड़की ज्ञान लोक कॉलोनी का एसआईआर का काम ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों कर रही हूं, जिसमें मेरा काम 50% से ऊपर है। पहले अधिकारियों के द्वारा कहा गया था, सब प्रपत्र को बांट दो फिर कहा गया कि उन्हें जल्दी-जल्दी लेकर ऑनलाइन कर दो...।
मैं बहुत परेशान हो चुकी हूं मेरे खिलाफ एफआईआर और मुझे निलंबन करने की धमकी दी जा रही है... इससे परेशान होकर आज मैं आत्महत्या करने को तैयार हूं... इसके जिम्मेदार सभी अधिकारी गण है...। मेरे द्वारा 50% काम कर दिया गया है, मेरे जाने के बाद जो हम 50% काम बचा है, उसे सभी अधिकारीगण मिलकर कर लें... सभी अधिकारीगण को मेरा आखरी नमस्ते।'