ब्लैक फंगस का सातवां संदिग्ध मरीज मिला
बुलंदशहर। सरकारी चिकित्सालयों में ओपीडी सेवा शुरू होने के बाद ब्लैक फंगस के संदिग्ध मरीज सामने आने लगे हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में जांच कराने के दौरान एक मरीज में ब्लैक फंगस के संदिग्ध लक्षण मिलने पर मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। जनपद में अब तक सात ब्लैक फंगस के संदिग्ध रोगी मिले चुके हैं, जिसमें एक की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, दो मरीजों की मौत हो चुकी है।
जिला अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, 25 दिन पूर्व बड़ागांव रसूलपुर निवासी एक व्यक्ति को बुखार आने पर उसने मेडिकल स्टोर से दवा लेकर स्वयं उपचार किया। कोरोना के लक्षण होने पर भी व्यक्ति द्वारा कोविड जांच नहीं कराई गई। वहीं, युवक का स्वास्थ्य और बिगड़ता चला गया। साथ ही व्यक्ति की बायीं आंख पर सूजन, रोशनी में अंतर और पानी आने की समस्या बन गई। समस्या बढ़ने पर मंगलवार को युवक के परिजन जिला अस्पताल के नेत्र विभाग में जांच कराने पहुंचे, जहां नेत्र सर्जन डॉ. मनीषा बंसल ने जांच के दौरान ब्लैक फंगस के संदिग्ध लक्षण होने की पुष्टि कर अस्पताल प्रशासन को सूचित किया। इसके बाद सीएमएस द्वारा गठित तीन सदस्यीय टीम ने जांच में ब्लैक फंगस के संदिग्ध लक्षण होने पर मेरठ रेफर कर दिया। युवक डायबिटीज का भी मरीज है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजीव प्रसाद ने बताया कि जांच के दौरान युवक में ब्लैक फंगस के संदिग्ध लक्षण मिलने पर मेरठ रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में जितने भी संदिग्ध मरीज आ रहे हैं, उन्हें हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया जाता हैं। जिला अस्पताल से अब तक पांच संदिग्ध मरीज को रेफर किया जा चुका हैं। इसमें एक में पुष्टि हो चुकी है और बाकी की अभी रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है।