प्रदर्शन करते भाकियू कार्यकर्ता।
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किसानों की समस्याओं को लेकर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में पंचायत की। इस दौरान किसानों ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन भी किया।
प्रदेश सचिव मांगे राम त्यागी के नेतृत्व में किसान मलका पार्क में एकत्रित हुए। किसानों ने पार्क में सभा की। सभा के समापन के बाद किसान नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। कलक्ट्रेट में किसानों ने डीएम दफ्तर के सामने प्रदर्शन और हंगामा किया। प्रदर्शनकारी इतने गुस्से में थे कि पुलिस कर्मियों को डीएम दफ्तर के बाहर वेटिंग रूम का गेट बंद करना पड़ा।
बाद में किसान पीपल के पेड़ के नीचे धरने पर बैठ गए। मांगे राम त्यागी ने कहा कि सरकार का रवैया किसानोें के प्रति ठीक नहीं है। किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं और केंद्र व राज्य सरकार विकास का झूठा ढोल पीट रही हैं। समय से गन्ना भुगतान नहीं हो पा रहा है। नहरों में पानी नहीं होने से फसलें सूख रहीं हैं।
जिलाध्यक्ष कैप्टन बिशन सिंह सिरोही ने कहा कि भाकियू का चोला ओढ़कर कई लोग धरना प्रदर्शन कर भाकियू को बदनाम कर रहे हैं। ऐसे लोगों की मंशा किसान हित में नहीं है। इस संबंध डीएम से भी शिकायत कर दी गई है। कैप्टन ने कहा वीरपाल सिंह भाकियू के उपाध्यक्ष नहीं हैं।
बाद में भाकियू कार्यकर्ताओं ने एडीएम प्रशासन को ज्ञापन दिया। इस दौरान शैलेंद्र आर्य, वीरेंद्र गुर्जर, राजबीर चौहान, चुन्नू शर्मा, प्रहलाद सिंह, नीरज, महबूब, मुकेश, सुबोध गजेंद्र आदि मौजूद रहे।