कलक्ट्रेट पर ज्ञापन देने पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता। संवाद
बुलंदशहर। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम काटे जाने के आरोपों को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने विरोध जताया है। जिलाध्यक्ष चौ. अरब सिंह के नेतृत्व में संगठन पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पांच पेज का आठ सूत्री ज्ञापन भेजा।
जिलाध्यक्ष अरब सिंह ने कहा यह मांग कि किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में नहीं बल्कि लोकतंत्र और प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा के लिए दिया गया है। संगठन की मांग है कि एसआईआर के दौरान हटाए गए नामों की स्वतंत्र जांच कराई जाए और गलत तरीके से नाम काटे जाने की पुष्टि होने पर उन्हें दोबारा जोड़ा जाए।
राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर हटाए गए नामों का राज्यवार, जिलावार और विधानसभा क्षेत्रवार सत्यापित विवरण सार्वजनिक करने, प्रभावित मतदाताओं को नाम हटाने का कारण बताने और आपत्ति व अपील का अवसर देने की मांग की गई। साथ ही किसान, मजदूर, दलित, आदिवासी, पिछड़े और वंचित वर्गों के पात्र मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया।
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 14 और 326 का हवाला देते हुए कहा कि मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। साथ ही अनियमितता मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और शिकायतों के निस्तारण के लिए समयबद्ध व्यवस्था बनाने की भी मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में कैप्टन बिशन सिंह, वीरेंद्र यादव, मुकेश डायरेक्टर, आलोक चौधरी, कुंवरपाल प्रधान, मोहित चौधरी, लीलू प्रधान, कल्याण सिंह, राहुल चौधरी और सुरेंद्र पहलवान आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।