कृषि कानून के विरोध में आज चक्का जाम करेगी भाकियू
बुलंदशहर। कृषि कानून के विरोध में पिछले कई माह से दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलनरत किसान नेताओं ने अभी तक कोई हल नहीं निकलने के विरोध में शुक्रवार को भारत बंद का एलान किया है। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भाकियू के पदाधिकारी तहसीलों और चौराहों पर जाम लगाएंगे। इसके लिए भाकियू नेताओं ने कमर कसने के साथ तैयारी पूरी कर ली है।
भारतीय किसान यूनियन के एनसीआर महासचिव मांगेराम त्यागी ने बताया कि दिल्ली बॉर्डर पर तीनों नए कृषि कानून के खिलाफ किसान आंदोलनरत है। इसी कड़ी में भारतीय किसान संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर शुक्रवार को भारत बंद का एलान किया गया है। उन्होंने बताया कि नगर का कालाआम चौराहा, खुर्जा, गुलावठी, स्याना, अनूपशहर, सिकंदराबाद आदि में किसान अलग-अलग तहसीलों और ब्लॉक क्षेत्र में प्रदर्शन कर जाम लगाएंगे। उन्हाेंने बताया कि एंबुलेंस, महिला चालित वाहन, अंतिम यात्रा वाहन, चिकित्सक, परीक्षा देने जा रहे छात्र और शादी विवाह के वाहनों को नहीं रोका जाएगा। चक्का जाम के दौरान आसपास के बाजारों में घूमकर किसान अपनी समस्याओं से व्यापारियों को रूबरू कराएंगे। नए तीन कृषि कानून को वापस लेने, हरियाणा और पंजाब राज्य की तर्ज पर किसानों को सिंचाई के लिए बिजली मुहैया कराने, गैस और डीजल व पेट्रोल के साथ घरेलू रसोई गैस की कीमत पर लगाम लगाने आदि की मांग को लेकर जाम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। वहीं, दूसरी ओर बीबीनगर के अहमदनगर में भाकियू अंबावता की किसान पंचायत आयोजित हुई। जिसमें प्रदेश अध्यक्ष सचिन शर्मा ने शुक्रवार को भारत बंद का समर्थन करने की अपील की। बताया कि नए कृषि कानून को लेकर किसान लगातार धरना दे रहे और केंद्र सरकार किसानों की मांग को लगातार अनसुना कर रही है। प्रदेश महासचिव पवन तेवतिया ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शुक्रवार को भारत बंद का पूर्णतया समर्थन कर नए कृषि कानून को निरस्त कराने की मांग की जाएगी।