बुलंदशहर। जिले को नमामि गंगे योजना से राजघाट में जैव विविधता पार्क विकसित हो रहा है। यह वर्ष 2026 तक बनकर तैयार होगा। इस पर सात करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च होगी। विभाग ने इस पार्क को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। जिले में इस तरह का यह पहला पार्क होगा।
डीएफओ विनीता सिंह ने बताया कि नरौरा क्षेत्र के रामघाट में बनने वाले इस जैव विविधता पार्क में नेजर ट्रेल, प्राकृतिक ग्रीन हट्स व गोल हट्स का निर्माण किया जा रहा है। पक्षियों के लिए घाेंसले बनाए जाएंगे। पर्यटकों के बैठने के लिए सुंदर हट्स और सीमेंट की बेच आदि लगाई जाएंगी। पार्क में पक्षी बिहार बनाना भी प्रस्तावित है।
तितली पार्क में झील बना कर तितलियों के अनुकूल विविध प्रजातियों के पौधे भी लगाए जाएंगे। पार्क के अंदर अलग-अलग वाटिकाएं बनाई जाएंगी। जहां पर बेल, बरगद, आंवला, अशोक, पीपल, खैर, पतास, पीपल, गूलर, आंवला, शीशम, वनीला, बांस, बरगद पाकड, सीठा, बेल, अर्जुन, कमद, आम, महुवा सहित अन्य अनेक प्रकार पौधे रहेंगे।
अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इस पार्क के विकसित होने से विद्यार्थियों और प्रकृति प्रेमियों को शोध कार्य में मदद मिलेगी। यहां पर जैव विविधता के अलावा वनस्पति और औषधीय आदि पौधाें का अध्ययन भी कर सकेंगे।
500 वर्ष पुराना बरगद का पेड़ बनेगा पार्क शान
20 एकड़ में बन रहे इस जैव विविधता पार्क में 500 वर्ष पुराना बरगद का पेड़ शान बनेगा। इस पेड़ के चारों ओर ही पार्क के लिए जमीन चिह्नित की गई है। इस पेड़ को पिछले साल बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया प्रयागराज सेंटर के वैज्ञानिकों ने रोमानिया के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर पता लगाने का दावा किया था।
कार्बन डेटिंग के जरिए इसकी उम्र 500 वर्ष पाई गई है। जिस समय इस बरगद के पेड़ की उम्र का खुलासा हुआ था, उसी समय विभाग ने यहां पर पार्क बनाने का निर्णय लिया था।