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नरौरा में बनेगा जैव विविधता पार्क, तैयारी शुरू

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जनपद में गंगा किनारे लहलहा रही धान की फसल। - फोटो : BULANDSHAHR
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नरौरा में बनेगा जैव विविधता पार्क, तैयारी शुरू
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बुलंदशहर। जनपदवासियों को वन विभाग की ओर से जैव विविधता पार्क के रूप में जल्द ही उपहार मिलने जा रहा है। इसके लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। पार्क में विभिन्न प्रजाति के जैविक पौधे रोपित किए जाएंगे। इसमें स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थियों के साथ प्रकृति प्रेमी अध्ययन एवं शोध कर सकेंगे।
नरौरा में वन विभाग की 600 एकड़ से अधिक जमीन है। इस जमीन पर विगत वर्ष पौधे रोपित किए गए थे। इसके अलावा गंगा किनारे भी वन विभाग की और जमीन भी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जनपद में अभी तक जैव विविधता का कोई पार्क नहीं है। ऐसे में विभाग की ओर से नरौरा में जैव विविधता पार्क बनाने की योजना तैयार की है। पार्क में विभिन्न प्रकार के जैविक पौधे रोपित किए जाएंगे। इनमें वनस्पति और औषधीय पौधों के अलावा पार्क की सुंदरता को बढ़ाने के लिए फूलों के पौधे भी शामिल होंगे। पार्क को विकसित करने के लिए नोएडा व अन्य स्थानों के जैव विविधता पार्कों का अध्ययन किया जा रहा है। जल्द ही जैव विविधता के आधार पर पार्क का लेआउट शीघ्र तैयार किया जाएगा। जमीन की मिट्टी का अध्ययन कर पौधों का चयन किया जाएगा। चयनित पौधे वन विभाग की नर्सरी से उपलब्ध होंगे। इस पार्क के विकसित होने पर विद्यार्थियों और प्रकृति प्रेमियों को शोध कार्य करने में काफी फायदा होगा, जो यहां पर जैव विविधता के अलावा वनस्पति और औषधीय आदि पौधाें का अध्ययन कर सकेंगे।
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नरौरा में विभाग ने जैव विविधता पार्क बनाने की योजना बनाई है। इस पार्क को विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। जनपद में जैव विविधता का यह पहला पार्क होगा।
- गंगा प्रसाद, डीएफओ, बुलंदशहर
मनरेगा श्रमिकों की मदद से तैयार होगी पोषण वाटिका
बुलंदशहर। परिषदीय स्कूलों में बनाई जाने वाली पोषण वाटिका को तैयार करने के लिए अब मनरेगा श्रमिकों की भी मदद ली जाएगी। गौरतलब है कि जनपद में 2399 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। इनमें अब एमडीएम के साथ बच्चों को रोजाना ताजी और हरी सब्जियां खिलाई जाएंगी। इसके लिए स्कूल में किचन गार्डन की योजना सरकार ने बनाई थी। इसमें मौसमी सब्जियां उगाकर उनका प्रयोग मिड-डे-मील में करने के निर्देश दिए थे। अब इस कार्य में कृषि, सहकारिता और मनरेगा से मदद लेकर साल भर सब्जियां उगाई जाएंगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि पोषक वाटिका से बच्चों को मिलने वाले दोपहर के भोजन की गुणवत्ता में सुधार होगा। इस योजना पर काम शुरू कर दिया गया है।
गंगा किनारे 1025 हेक्टेयर भूमि में लहलहा रही जैविक खेती
बुलंदशहर। जनपद में गंगा किनारे 1025 हेक्टेयर भूमि में जैविक खेती लहलहा रही है। इसमें किसानों ने गन्ना, धान, मक्का, बाजरा, दलहन और सब्जी आदि की फसल उगाई है। इन फसलों का कृषि विभाग के अधिकारी लगातार जायजा ले रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर फसल को देख किसान गदगद हैं। जैविक तरीके से की गई खेती काफी अच्छी बताई जा रही है।
गत कुछ माह पहले केंद्र और राज्य सरकार ने नमामि गंगे योजना के तहत जैविक खेती करवाने के लिए योजना बनाई थी। इसके लिए कृषि विभाग को पत्र भेजकर जनपद में जैविक खेती के लिए भूमि चिन्हित करने के आदेश दिए थे। इस पर कृषि विभाग के अधिकारियों ने गंगा किनारे वाली 1025 हेक्टेयर के अलावा 400 हेक्टेयर भूमि जनपद के अलग-अलग हिस्सों में जैविक खेती करवाने के लिए चिन्हित की थी। प्रथम चरण में विभाग ने गंगा किनारे वाली चिन्हित की गई 1025 हेक्टेयर भूमि में ही जैविक खेती करवाने का निर्णय लिया था। इसके लिए जिन किसानों की भूमि चिन्हित की गई। उनके 50 समूह बनाए गए। इन समूहों में शामिल किसानों को जैविक खेती करने के लिए प्रशिक्षण दिया गया था। इसके साथ ही किसानों को अपनी स्वेच्छा के अनुसार जैविक तरीके से खेती करने की छूट दी थी। इस पर किसानों ने गन्ना, धान, मक्का, बाजरा, दलहन और सब्जी की खेती की। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जैविक खेती पर नजर रखने के लिए दो एजेंसी भी काम कर रही हैं। इन एजेंसियों के अधिकारी और कर्मचारी भी समय-समय पर फसलों का जायजा लेकर किसानों को टिप्स दे रहे हैं। गंगा किनारे 1025 हेक्टेयर में से 612 हेक्टेयर भूमि में धान, 104 हेक्टेयर में मक्का, 113.5 हेक्टेयर में ज्वार, 46.5 हेक्टेयर में बाजरा, 42.9 हेक्टेयर में उड़द, 10 हेक्टेयर में मूंग, 51 हेक्टेयर में गन्ना और 22 हेक्टेयर में सब्जियों की फसल शामिल है।
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जनपद में गंगा किनारे वाले क्षेत्रों में पहली बार की गई जैविक खेती के सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं। अपनी फसलाें को देखकर किसान भी गदगद हैं और अच्छी पैदावार की भी संभावना है। आगामी फसलों में अब जनपद में जैविक खेती का दायरा बढ़ाने का भी प्रयास किया जाएगा।
- डॉ. घनश्याम वर्मा, जिला भूमि संरक्षण अधिकारी
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