बुलंदशहर। लोहा निर्माता कंपनी की ओर से बंद हो चुकी फर्मों से फर्जी खरीदारी दर्शाकर आईटीसी का लाभ लिया। जीएसटी विभाग की टीम की कार्रवाई के दौरान फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर टीम ने फर्म पर 75 लाख रुपये का जुर्माना और कर वसूला है। जबकि आगे की जांच के लिए टीम ने दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं।
जीएसटी विभाग के संयुक्त आयुक्त विवेक सिंह के निर्देशन में सिकंदराबाद स्थित एक लोहा निर्माता फर्म पर जीएसटी विभाग की टीम ने कार्रवाई की। विवेक सिंह के मुताबिक फर्म की ओर से लगातार कम बिक्री दर्शाते हुए कर चोरी की जा रही थी। टीम ने छापामार कार्रवाई करते हुए दस्तावेज कब्जे में लिए। जांच के दौरान पाया कि लोहा निर्माता फर्म की ओर से ऐसी फर्मों से खरीदारी दर्शाई जा रही थी, जो पूर्व में बंद हो चुकी हैं। इसके बाद इस फर्जी खरीदारी पर आरोपियों द्वारा आईटीसी क्लेम का लाभ भी लिया जा रहा था। जबकि बंद हो चुकी फर्मों से खरीदारी पर किसी भी प्रकार का आईटीसी लाभ नहीं लिया जा सकता है। इसके अलावा मौके पर मिले स्टॉक की जांच के दौरान भी गड़बड़ी पाई गई। जांच के दौरान टीम ने मौके पर ही फर्म संचालक से 75 लाख रुपये बतौर कर और जुर्माना के जमा कराया है। साथ ही आगे की जांच के लिए टीम दस्तावेज अपने साथ ले गई है। मामले में उपायुक्त डीके बहादुर ने बताया कि दस्तावेजों की आगे की जांच की जा रही है। फर्म संचालक की ओर से काफी कर चोरी की जा रही थी। जल्द कार्रवाई की जाएगी।