पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के क्रम में बुधवार को केंद्रीय संघर्ष समिति ने दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक सिवाया टोल प्लाजा फ्री करा दिया। टोल प्रबंधन के विरोध करने पर उनकी वकीलों से तीखी नोकझोंक हो गई।
तीन बजे से पहले टोल चलाने पर बूथों के बूम तोड़ दिए गए। जिससे टकराव होते बचापूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार केंद्रीय संघर्ष समिति के पदाधिकारी और काफी संख्या में वकील टोल प्लाजा पर दोपहर 12 बजे से पहले ही पहुंच गए थे।
उन्होंने टोल की सभी लेनों पर हाईकोर्ट बेंच की मांग से संबंधित स्टीकर लगाते हुए टोल टैक्स नहीं लेने दिया। समिति के चेयरमैन गजेंद्र पाल सिंह एडवोकेट एवं संयोजक अजय कुमार शर्मा ने कहा कि पिछले 40 साल से वेस्ट यूपी में बेंच की मांग के लिए वकील संघर्ष कर रहे ह
लेकिन अभी तक बेंच नहीं दी गई है। प्रदर्शन में मेरठ, बागपत, शामली, गाजियाबाद, कैराना, मुजफ्फरनगर, हापुड़, अमरोहा आदि कचहरी के वकील शामिल थे। इस बीच दोपहर तीन बजे से पांच मिनट पहले जब टोल वसूली शुरू की गई
तो वकील भड़क गए और कई बूथों के बूम तोड़कर टोल फिर फ्री करा दिया। इस प्रदर्शन को भारतीय किसान आंदोलन ने समर्थन दिया।