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बाबूजी की वजह से अटकी विधायक बंधुओं की नैया

Mon, 16 Jan 2017 11:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
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राजनी‌ति - फोटो : अमर उजाला
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सपा से निष्कासित होने के बाद भाजपा से टिकट की उम्मीद लगाए विधायक बंधु (गुड्डू पंडित और मुकेश पंडित) टिकट नहीं पा सके। वहीं बाबूजी का आशीर्वाद प्राप्त नेताओं को टिकट वितरण में खासी तरजीह मिली। माना जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की नाराजगी के चलते विधायक बंधु भाजपा में एंट्री तक नहीं करा पाए।

अब संभावना है कि वह अन्य किसी दल में जाए या फिर निर्दलीय मैदान में उतरें। डिबाई से दो बार विधायक रहे श्रीभगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित ने दो बार बाबूजी कल्याण सिंह  के पुत्र राजवीर सिंह को उन्हीं के गढ़ में करारी शिकस्त दी थी। कुछ विवादों के कारण कल्याण सिंह उनसे नाराज चल रहे थे।
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सपा से निष्कासित होने और एमएलसी चुनाव में भाजपा के पक्ष में वोटिंग के बाद विधायक बंधुओं की भाजपा नेताओं से नजदीकी थी। भाजपा के कार्यक्रमों में भी दोनों लगातार जा रहे थे। पार्टी के दिग्गज नेताओं के साथ विधायक बंधुओं के फोटो सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चित हो रहे थे।

संभावना थी कि इनको पार्टी से टिकट मिल सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। माना जा रहा है कि कल्याण सिंह की नाराजगी के चलते इनको पार्टी में नहीं लिया गया। वहीं  स्याना, शिकारपुर सीट से घोषित प्रत्याशियों की गिनती बाबूजी के करीबियों में है। डिबाई सीट पर भी प्रत्याशी बाबूजी की रजामंदी के बाद ही तय हो सकेगा। सपा से विधायक बंधुओं को पहले ही निष्कासित किया जा चुका है।

‘टीपू’ के दरबार में लखनऊ पहुंचे विधायक बंधु
लाख कोशिशों के बावजूद भाजपा में प्रवेश नहीं पा सके विधायक बंधु अब ‘टीपू’ के दरबार में हाजिरी लगाने लखनऊ पहुंच गए है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खेमे को चुनाव आयोग द्वारा साइकिल चुनाव चिह्न आवंटन का बहाना लेकर दोनों विधायक भाई उन्हें बधाई देने पहुंच गए।
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सूत्रों का कहना है कि यह मुलाकात सपा से टिकट पाने का प्रयास है। 2012 के चुनाव में सपा के टिकट पर विधायक बने श्रीभगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित और उनके भाई मुकेश पंडित ने कुछ महीने पहले भाजपा के एमएलसी उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया था। इसके बाद उन्हें सपा से निष्कासित कर दिया गया था। इसके बाद विधायक बंधुओं की भाजपा नेताओं से नजदीकी बढ़ गई थी।
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