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शिकारपुर बार के अध्यक्ष और सचिव निलंबित

सार

शिकारपुर बार के अध्यक्ष और सचिव निलंबित शिकारपुर।जिसकी शिकायत राकेश कुमार आदि अधिवक्ताओं ने बार काउंसिल से की थी।रिपोर्ट में अध्यक्ष व सचिव के विरुद्ध अधिवक्ता अधिनियम की धारा 35 के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए तत्काल निलंबन की संस्तुति की गई थी।
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विस्तार
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शिकारपुर बार के अध्यक्ष और सचिव निलंबित
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शिकारपुर। बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ने शिकारपुर की बार एसोसिएशन के चुनाव प्रकरण में गठित एक सदस्य समिति की रिपोर्ट के आधार पर शिकारपुर बार के अध्यक्ष और सचिव को अग्रिम आदेश तक तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। वहीं उनके अधिवक्ता व्यवसाय पर रोक लगा दी गई है।
गत वर्ष शिकारपुर बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी के चुनाव के लिए कांति प्रसाद गोस्वामी एडवोकेट को अधिकारी बनाया गया था। उसी दौरान बार काउंसिल आफ इंडिया की ओर से आदेश जारी किए गए थे कि पूरे भारतवर्ष में राज्य बार काउंसिल या अधिवक्ता संघ के चुनाव में जिन अधिवक्ताओं को बार काउंसिल द्वारा वेरिफिकेशन के बाद सीओपी नंबर आवंटित नहीं किया गया है। वह न तो बार संघ का चुनाव लड़ सकते हैं और न ही मतदान कर सकते हैं, न ही एल्डर्स कमेटी के अध्यक्ष या सदस्य हो सकते हैं। जिसके बाद शिकारपुर बार के अधिवक्ता अमर सिंह राठौर ने बार काउंसिल उत्तर प्रदेश को शिकायत भेजी कि उनका नाम बार की चुनाव मतदाता सूची से हटा दिया गया है। जबकि बिना सीओपी धारक आठ अधिवक्ताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल कर लिए गए हैं। बार काउंसिल के अध्यक्ष ने अमर सिंह राठौर का नाम मतदाता सूची में शामिल करने के आदेश चुनाव अधिकारी को दिए थे। इसके बावजूद चुनाव अधिकारी ने अमर सिंह राठौर का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं किया और 30 दिसंबर 2021 को चुनाव संपन्न करा दिया गया। जिसकी शिकायत राकेश कुमार आदि अधिवक्ताओं ने बार काउंसिल से की थी। बार काउंसिल अध्यक्ष ने 2 जनवरी 2022 को बार की कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण पर रोक लगा दी थी। इसके बावजूद चुनाव अधिकारी ने कार्यकारिणी को कार्यभार सौंप दिया। जिसकी शिकायत बार काउंसिल से की गई।
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बार काउंसिल अध्यक्ष द्वारा अमरेंद्र नाथ सिंह की अध्यक्षता व जानकी शरण पांडे और अनुराग पांडे की सदस्यता वाली विशेष समिति ने पत्रावली में उपलब्ध पत्रों के अवलोकन के बाद चुनाव अधिकारी कांति प्रसाद गोस्वामी एडवोकेट को प्रथम दृष्टया कदाचार का दोषी पाते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए अध्यक्ष नेमसिंह, महासचिव प्रदीप कुमार गिरी व चुनाव अधिकारी कांति प्रसाद गोस्वामी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 12 मार्च 2022 को बार काउंसिल उत्तर प्रदेश मुख्यालय प्रयागराज में शपथ स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के आदेश दिए थे।
चुनाव प्रकरण की सुनवाई बार काउंसिल उत्तर प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष और सदस्य की एक सदस्य समिति ने की। जिसकी रिपोर्ट 19 सितंबर को बार काउंसिल के अध्यक्ष को सौंपी गई। सौंपी गई रिपोर्ट में दी बार एसोसिएशन शिकारपुर के अध्यक्ष नेम सिंह एवं सचिव प्रदीप कुमार गिरी के विरुद्ध विसंगतियों के आधार पर चुनाव में विजय पाकर पदासीन होना पाया गया। रिपोर्ट में अध्यक्ष व सचिव के विरुद्ध अधिवक्ता अधिनियम की धारा 35 के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए तत्काल निलंबन की संस्तुति की गई थी। बार काउंसिल उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष मधुसूदन त्रिपाठी ने रिपोर्ट के आधार पर शिकारपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए पत्रावली अग्रसारित कर अग्रिम आदेश तक दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने और अधिवक्ता व्यवसाय से प्रतिबंधित करने के आदेश पारित किए हैं।
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आदेश की सराहना
डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमन कुमार सिंह राघव ने उत्तर प्रदेश बार कौंसिल के आदेश की सराहना की है। उनका कहना है कि बिना सीओपी मतदान करना गलत है। किसी भी एसोसिएशन में बिना एसओपी के अधिवक्ताओं को मतदान नहीं करना चाहिए।
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