परिषदीय स्कूलों के शिक्षक अब आसानी से बंक नहीं मार पाएंगे। ऐसे शिक्षकों की तलाश को अभियान चलेगा। डीएम के आदेश पर बीएसए ने शिक्षकों पर शिकंजा कसने को रणनीति बनाते हुए सभी एबीएसए को स्कूलों का निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं। बीएसए ने चेतावनी दी है कि यदि शिक्षक अनुपस्थित मिले तो विभागीय कार्रवाई होगी।
जिले में संचालित 1457 परिषदीय स्कूलों में सात हजार से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाएं सेवारत हैं। अधिकतर स्कूलों में अध्यापक समय पर नहीं पहुंचते हैं। इनके स्कूलों से गायब रहने की शिकायतें मिलती हैं।
पूर्व में डीएम और बीएसए द्वारा किए गए निरीक्षण में भी शिक्षक स्कूलों से गायब मिले थे। तब चेतावनी दी थी कि ऐसे शिक्षकों पर कार्रवाई होगी। मगर, शिक्षकों पर कोई असर नहीं हुआ। अब डीएम आन्जनेय कुमार सिंह ने ऐसे शिक्षकों पर शिकंजा कसने के लिए बीएसए को आदेश दिए हैं।
अनुपस्थित शिक्षकों की तलाश को अब अभियान चलाया जाएगा। बीएसए धर्मेंद्र सक्सेना ने बताया कि डीएम के आदेश पर अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों पर शिकंजा कसने को रणनीति बना ली है। सभी एबीएसए को स्कूलों का निरीक्षण कर ऐसे शिक्षकों को चिन्हित कर सूची देने के आदेश दिए हैं।
एबीएसए को सख्त हिदायत दी गई है कि यदि उन्होंने किसी भी शिक्षक को बचाने का प्रयास किया तो बर्दाश्त नहीं होगा। बीएसए खुद भी स्कूलों का निरीक्षण कर बंक मारने वाले शिक्षकों का पता लगाएंगे।