अनूपशहर/अहार/नरौरा। गंगा के लगातार बढ़ रहे जलस्तर से लोगों की परेशानियां बढ़ने लगी हैं। जिला प्रशासन ने गंगा घाट और खेतों पर लोगों के जाने पर रोक लगा दी है। एहतियातन गांवों में मुनादी कराई जा रही है। आने वाले दो तीन दिन में जलस्तर कम नहीं हुआ तो पशुओं के लिए चारे का संकट गहरा जाएगा।
अहार क्षेत्र में खेतों से होते हुए पानी गांव की ओर बढ़ने लगा है। अनूपशहर में आरती स्थल से आबादी और रामघाट के बाजार में पानी पहुंच गया है। बृहस्पतिवार को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 0.645 मीटर ऊपर पहुंच गया। गांव में गंगा किनारे न जाने के लिए मुनादी कराई जा रही है। गंगा का जलस्तर बढ़ने पर नरौरा गंगा बैराज के सभी 61 गेटों के फाटक उठा दिए गए हैं।
सिंचाई विभाग हेडवर्क्स के एसडीओ अंकित सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को बैराज पर कुल पानी की आवक 3 लाख 26 हजार 739 क्यूसेक है। बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में तीन लाख 12 हजार क्यूसेक पानी की प्रति सेकंड निकासी की जा रही है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 0.645 मीटर ऊपर पहुंच गया है। पिछले 24 घंटे से बैराज पर गंगा का जल स्तर खतरे के निशान को पार कर चल रहा है।
लगातार बढ़ रहे पानी से किसान चितिंत हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व विवेक मिश्रा ने अनूपशहर, अहार, अवंतिका देवी क्षेत्र का दौरा कर ग्रामीणों व किसानों से बातचीत की। उन्होंने गांव के नजदीक पानी पहुंचने पर शिक्षण संस्थानों समेत अन्य पर नजर रखने की बात कही है। नरौरा में एसडीएम दीपक कुमार पाल ने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ के गंगा किनारे के गांवों में दौरा कर प्राथमिक विद्यालयों के तालों की चाबी रात्रि में गांव में ही रखने के निर्देश दिए है। अधिकारियों ने गंगा किनारे के ग्रामीणों को बढ़ते जलस्तर की जानकारी देकर एहतियात बरतने व पशुओं को लेकर गंगा किनारे जंगल में न जाने की सलाह दी है। अनूपशहर में एसडीएम नवीन कुमार ने गंगा किनारे स्थित गांव में जाकर स्थिति का जायजा लिया है।
रामघाट के बाजार में पानी पहुंचने से व्यापारी चिंतित
रामघाट में बृहस्पतिवार सुबह गंगा का जल बाजार में पहुंच गया। कुछ दुकानदारों ने दुकानों को खाली करके अपने सामान घर पर पहुंचा दिया है। दुकानदार अमित, मोहित ने बताया कि जलस्तर कम होने पर दुकानों में सामान रख दिया जाएगा। रामघाट के ग्राम प्रधान ओमवीर सिंह ने बताया कि बिहार घाट, नौदेयी व रामघाट क्षेत्र के गोकुल पुर खादर, नोजल पुर खादर, सरदार नगर आदि के किसानों की गंगा किनारे के खेतों में खड़ी फसलों में बाढ़ का पानी आ गया है।
अनूपशहर में मोहल्ला गंगाद्वार तक पहुंचा पानी
अनूपशहर में गंगा घाट व आरती स्थल को पार कर मोहल्ला गंगाद्वार में आबादी में पानी आ गया है। इससे लोगों को आवागमन में काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। पानी ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को भी अपनी चपेट में ले लिया है। सिरौरा, तोरई, बच्ची खेड़ा, हसनपुर, मुबारकपुर, अहार शेरपुर,रुढ, सिद्ध बाबा आदि गांव में बाढ़ का पानी आबादी से कुछ ही दूरी पर है। आबादी की ओर बढ़ रहे जल के बाद लोगों में डर बना हुआ है।
बोले रामघाट के लोग
वर्ष 2013 के बाद इस वर्ष गंगा नदी की बाढ़ से गांव की गलियों तक पानी पहुंचा है। जिससे लोगों को आने व जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। - सौरभ कुमार, राजघाट निवासी।
गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से घाट के ऊपर और गलियों में पानी आने से स्नानार्थियों का आना बंद हो गया। ग्रामीणों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पूजन सामग्री व प्रसाद का काम प्रभावित हो गया है। - हरिओम शर्मा, रामघाट निवासी।
बोले किसान
गंगा में बढ़ा जलस्तर खेतों में भर जाने से हजारों बीघा फसल खराब हो गई है। इससे पहले भी पानी से काफी फसल खराब हुई थी। यह नुकसान झेलना किसी के बस की बात नहीं है। - देवेंद्र सिंह, किसान अहार।
गंगा के पानी से खेतों में खड़ी सब्जी व अन्य फसल पूरी तरह खराब हो चुकी हैं। चारे का संकट गहराने लगा है।आने वाले समय में भी चारे का संकट झेलना होगा। इससे किसानों को बढ़ा नुकसान हुआ है। - नवाब खां, किसान अहार।