अब महंगे दाम पर खरीदना पड़ेगा बालू, छह खनन प्वाइंट खत्म
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मकान-दुकान का निर्माण कराना अब आसान नहीं होगा। इनके निर्माण के लिए आम लोगों को महंगे दाम पर बालू खरीदना पड़ेगा। जनपद के छह खनन प्वाइंटों में से सिर्फ एक प्वाइंट ही खनन के लिए चिह्नित हुआ है। हापुड़ से लेकर नरौरा तक डॉल्फिन संरक्षण केंद्र होने के कारण खनन के लिए डिबाई को चिह्नित किया गया है।
प्रदेश में योगी सरकार आते ही अवैध खनन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई। घर-दुकान के निर्माण के लिए लोगों को बालू का इंतजाम करने में पसीने छूट रहे हैं। जिला प्रशासन ने वैध खनन के लिए जिला प्रशासन ने स्याना, अनूपशहर, बुगरासी, नरौरा, अहार आदि को चिह्नित किया, लेकिन डॉल्फिन संरक्षण केंद्र होने के कारण वन विभाग के अफसरों ने इस पर अड़ंगा लगा दिया।
जिला प्रशासन ने खनन के लिए डिबाई को चिह्नित किया, जिस पर वन विभाग ने अपनी एनओसी दे दी। वन विभाग की एनओसी के बाद जिला प्रशासन ने खनन के लिए डिबाई के गांव नोजलपुर खादर को चिह्नित कर टेेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अब छह में से सिर्फ एक प्वाइंट से खनन होने पर बालू के दामों में अप्रत्याशित वृद्धि देखने को मिलेेगी। जो बालू पहले 15 से 25 रुपये फुट तक उपलब्ध हो जाता था, वही बालू अब 40 से 50 रुपये फुट तक मिल पाएगा। एडीएम ने बताया कि इस पर अमल शुरू हो गया है।