500 व 1000 के नोटों के चलन से बाहर होने और नई करेंसी की कमी के चलते शादियां संकट में आ गई हैं। ऐसा ही एक मामला कस्बे के मोहल्ला जामा मस्जिद में प्रकाश में आया है। वधू पक्ष की परेशानी को देखते हुए वर पक्ष के लोगों ने दिसंबर में होने वाली शादी को टाल दिया है।
यही नहीं आपसी समझौते से इसी माह होने वाली गोदभराई को कैंसल दिया गया है। नगदी संकट का प्रभाव शादी समारोह और कार्यक्रम में साफ नजर आने लगा है। अनूपशहर के मोहल्ला जामा मस्जिद निवासी शिवओम गुप्ता के बेटे सौरभ गुप्ता का रिश्ता अलीगढ़ तय हुआ है।
गोदभराई नवंबर और शादी समारोह अगले माह दिसंबर में होनी थी। नोटबंदी के चलते दोनों पक्षों के लोग नगदी के संकट में आए गए। बिटिया के पिता ने परेशान होकर वर पक्ष वालों से संपर्क किया और अपनी समस्या बताई।
शिवओम गुप्ता बताया कि वधू पक्ष की की दिक्कत को देखते हुए हमने आपसी समझौते इसी माह होने ले गोदभराई को कैंसल कर दिया है। दिसंबर में होने वाली शादी की डेट बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दी है। यही नहीं इलेक्ट्रानिक शॉप चलाने वाले सौरभ के पिता शिवओम गुप्ता ने बताया कि हमने शादी भी सादे तरीके से करने का निर्णय लिया है। जिससे वधू पक्ष को दिक्कत न हो।
लाइन में लगीं बीमार वृद्धा को कोतवाल ने पहुंचाया बैंक
नोट बदलने को लेकर नौवें दिन भी बैकों पर जमकर भीड़ उमड़ी। बुधवार को दनकौर रोड पर स्थित बैकों पर व्यवस्था की कमान स्वयं कोतवाल जितेंद्र कुमार ने संभाली। कोतवाल ने पीएनबी के सामने गांव नंदगढ़ी की बुर्जग बीमार भगवती पत्नी रतन लाल को लाइन में लगा देखा तो उन्होंने भगवती को लाइन से निकाल स्वयं बैंक के अंदर ले गए।
कैश वैन के लिए स्थान चिन्हित नहीं हुए
आम आदमी की परेशानी कम करने के लिए सीएम अखिलेश यादव ने ऐसे वंचित क्षेत्रों में कैश वैन भेजने की घोषणा की थी जहां बैंक शाखा नहीं हैं। चार दिन बीत गए अब तक एक भी स्थान चिंहित नहीं किया गया है।
बैंकों में स्याही न पहुंचने पर नहीं बदले नोट
क्षेत्र के बैंकों में स्याही ना पहुंचने पर 500 और 1000 के नोट नहीं बदले गए। चठहेरा निवासी सोहनपाल और दानिश ने बताया कि नोट न बदले जाने से घरेलू खर्चा नहीं चल पा रहा। अमगरगढ़ बैंक के प्रबंधक ओपी मौर्य ने बताया कि कर्मचारियों की कमी के चलते एक काउंटर चलाया जा रहा है। ऊंचागांव स्थित पीएनबी के प्रबंधक संदीप साही ने बताया कि बुधवार स्याही न होने से नोट बदलने का कार्य प्रभावित रहा।
30 को दो बेटियों की शादी, पिता लाइन में
सिकंदराबाद क्षेत्र के गांव कावरा निवासी राधे भी बैंक की लाइन में लग कर रुपए निकालने लग रहे। उनकी दो बेटियों की शादी 30 नवंबर को है। ऐसे में राधे को नगदी संकट से जूझना पड़ रहा है। उसे समझ नहीं आ रही है कि नई करेंसी के अभाव वह शादी के खर्चे कैसे निपटाएंगे।
इसलिए वह परिवार के साथ दिनभर बैंक की लाइन में अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। वह शादी का कार्ड भी लेकर आए थे, ताकि बैंक वालों को अपनी परेशानी बता सकें।