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अब कमालपुर में बुखार से बच्ची की मौत

Sat, 09 Jul 2016 08:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
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बुखार से अब तक तीसरी मौत - फोटो : अमर उजाला
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पूर्व डीएम बी. चंद्रकला के गोद लिए गए गांव कमालपुर में भी जानलेवा बुखार ने दस्तक दे दी है। कमालपुर में बुखार के चलते एक बच्ची की मौत हो गई है। जनपद में बुखार से मरने वालों की संख्या अब तीन हो गई है, जबकि सैकड़ों लोग इसकी चपेट में हैं।
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तत्कालीन डीएम बी. चंद्रकला द्वारा गोद लिए गए गांव कमालपुर में बुखार से एक बच्ची ने दम तोड़ दिया। डेढ़ माह की बच्ची हिना के पिता मोहम्मद आदिल ने बताया कि बच्ची को चार-पांच दिन से बुखार था।

एक निजी अस्पताल में उसका उपचार चल रहा था। शुक्रवार को बच्ची को उल्टी हुईं और उसने दम तोड़ दिया। मोहम्मद आदिल ने बताया कि गांव में करीब 50 से 60 लोग बुखार से पीड़ित हैं,
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लेकिन गांव में कोई भी डॉक्टर या अफसर देखने तक नहीं पहुंचा है। इससे पहले चोला क्षेत्र के गांव नगला गोविंदपुर में बुखार के कारण दो की मौत हो चुकी है।

कीटनाशक दवाओं के छिड़काव के लिए शासन द्वारा प्रत्येक गांव के लिए 10 हजार रुपये का बजट जारी किया जाता है। बारिश के चलते गांव-गांव में मच्छरों का प्रकोप है, लेकिन किसी भी गांव में छिड़काव नहीं कराया गया है।

कीटनाशक दवा का छिड़काव न होने से गांव में बीमारियां पैर पसार रही हैं। दवा छिड़काव का पैसा एएनएम और प्रधान मिलकर डकार रहे हैं। इसकी मॉनीटरिंग करने वाले अफसर खुद बजट डकारने के खेल में लिप्त हैं।

कमालपुर गांव में हुई मौत की जानकारी नहीं है। गांव में टीम भेजकर स्थिति चेक कराई जाएगी। - डॉ. बीके श्रीवास्तव, जिला मलेरिया अधिकारी

सूबरा ग्राम प्रधान लाला साहब ने बताया कि शनिवार को वैर अस्पताल प्रभारी गांव आए और बिना मरीजों को देखे चलते बनने लगे। जब उनसे ग्रामीणों को बुखार की बात कही गई तो अस्पताल प्रभारी ने कहा कि पहले लिखकर दो कि गांव में कोई बीमार नहीं है। उसके बाद ही वह मरीजों को देखेंगे। साथ ही गांव में सफाई व्यवस्था का भी बुरा हाल है।

गांव तक स्वास्थ्य टीम को भेजने में नाकाम रहे सीएमओ की अनदेखी के चलते अब ग्रामीण खुद ही सक्रिय हो गए हैं। गांव से भैंसा-बुग्गियों में भरकर मरीजों को सरकारी अस्पताल की जगह निजी क्लीनिकों में ले जाया जा रहा है।

मरीजों को अब सरकारी व्यवस्था पर इतना भी यकीन नहीं कि उन्हें सरकारी अस्पताल में ठीक से उपचार भी मिल सके। ग्रामीणों ने बताया कि जब सरकारी महकमा बुखार से ग्रामीणों की मौतों पर नहीं जाग पा रहा है तो फिर इसकी बात की क्या गारंटी कि सरकारी अस्पतालों में उन्हें उचित उपचार मिल सके।

बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या जिलेभर में बढ़ गई है। जिला अस्पताल समेत तमाम सरकारी और निजी अस्पतालों में बुखार के मरीजों की लाइन लगी हुई है। जिलेभर में बुखार अपना तांडव मचा रहा है और अफसर सब कुछ सामान्य होने की बात कर रहे हैं। बुखार को लेकर शासन को भी फर्जी रिपोर्ट भेजी जा रही है।
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