ईलना गांव में मुंबई पुलिस पर पथराव कर आरोपी को छुड़ाया
औरंगाबाद। ईलना गांव के ग्रामीणों ने शुक्रवार को मुंबई पुलिस पर पथराव कर फर्जी पासपोर्ट बनाने वाले गिरोह के सरगना सुनील आहूजा को छुड़ा लिया। ग्राम प्रधान के घर सुनील के छिपे होने की सूचना पर मुंबई पुलिस ने शिकायतकर्ताओं को साथ लेकर छापा मारा था। जैसे ही जाने लगी, ग्रामीणों ने घेर लिया। मुंबई पुलिस के हवाई फायरिंग करने से ग्रामीण और भड़क गए। फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे एसपी सिटी ने किसी तरह से मुंबई पुलिस को ग्रामीणों के बीच से निकाला। गांव में कई थानों की पुलिस तैनात की गई है।
नोएडा निवासी सुनील आहूजा के खिलाफ मुंबई में फर्जी पासपोर्ट बनाने के कई मुकदमे दर्ज हैं। वह फर्जी पासपोर्ट बनाने वाले गिरोह का सरगना बताया जा रहा है। मुंबई पुलिस को इनपुट मिला था कि सुनील औरंगाबाद क्षेत्र के गांव ईलना के ग्राम प्रधान के पास रुका हुआ है। मुंबई पुलिस के जवान सादी वर्दी में दो गाड़ियों से मौके पर पहुंच गए। ग्राम प्रधान के घर पर दबिश देकर आरोपी सुनील आहूजा को हिरासत में ले लिया। इसी दौरान ग्रामीणों को सूचना मिली कि बदमाशों ने ग्राम प्रधान के घर में घुसकर एक व्यक्ति को अगवा कर लिया है। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए और मुंबई पुलिस की गाड़ी पर पथराव करते हुए आरोपी सुनील आहूजा को गाड़ी से बाहर निकाल लिया। इसके बाद आरोपी सुनील मौके से फरार हो गया।
पथराव के दौरान मुंबई पुलिस के साथ आए एक शिकायकर्ता को भी चोट आई है। इस दौरान मुंबई पुलिस की ओर से चार राउंड फायरिंग भी की गई। इससे ग्रामीण आगबबूला हो गए। ग्रामीणों की भीड़ को देखते हुए मुंबई पुलिस ने औरंगाबाद थाना पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची औरंगाबाद थाना पुलिस भी ग्रामीणों के भीड़ के आगे बेबस हो गई। एसपी सिटी सुरेंद्रनाथ तिवारी को भी कई थानों की पुलिस फोर्स को साथ लेकर मौके पर पहुंचना पड़ा। तब जाकर ग्रामीणों के बीच फंसे मुंबई पुलिस के जवानों को खेतों के रास्ते गांव से बाहर निकाला गया।
ग्राम प्रधान के भाई को हिरासत में लिया
हंगामे के बीच एसपी सिटी को सूचना मिली कि आरोपी सुनील आहूजा अभी भी ग्राम प्रधान के घर में ही छिपा हुआ है। फोर्स के साथ एसपी सिटी वहां पहुंचे तो सुनील नहीं मिला। पुलिस ने ग्राम प्रधान के भाई को तमंचे के साथ हिरासत में ले लिया। एसपी सिटी उसे लेकर जाड़ौल चौकी पहुंचे। पीछे से सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर औरंगाबाद थाने में प्रदर्शन करने पहुंच गए।
मुंबई पुलिस के एसआई, कांस्टेबल व शिकायकर्ताओं के साथ फर्जी पासपोर्ट बनाने वाले गिरोह के सरगना को पकड़ने के लिए पहुंचे थे। ग्राम प्रधान के घर पर दबिश देने के बाद आरोपी को पकड़ लिया था। इसके बाद विवाद शुरू हो गया। गांव में बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात की गई है। आरोपी की तलाश की जा रही है। शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - सुरेंद्रनाथ तिवारी, एसपी सिटी
डेढ़ घंटे तक खेतों में छिपे रहे मुंबई पुलिस के जवान
औरंगाबाद। गांव ईलना में ग्रामीणों से घिरे मुंबई पुलिस के जवानों ने करीब डेढ़ घंटे तक खेत में छिपकर अपनी जान बचाई। ग्रामीणों के मुताबिक शुक्रवार दोपहर करीब 1.40 बजे दो निजी गाड़ियों में सवार होकर सादे ड्रेस में मुंबई पुलिस के जवान व अन्य लोग ग्राम प्रधान योगेंद्र सिंह के घर पहुंचे। घर के अंदर से सुनील आहूजा को पकड़कर अपनी गाड़ी में बैठा लिया। इसी दौरान गांव में अफवाह फैल गई कि ग्राम प्रधान के घर में बदमाश घुस आए हैं और सुनील का अपहरण कर ले जा रहे हैं। इसके बाद ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर उन्हें घेर लिया और सुनील को छुड़ा लिया। मुंबई पुलिस के जवान न तो वर्दी में थे और न ही गाड़ी पर पुलिस का स्टीकर था। ऐसे में ग्रामीणों ने उन्हें बदमाश समझकर पथराव शुरू कर दिया। खुद को घिरता देखकर मुंबई पुलिस के जवान खेतों की ओर भागे और करीब डेढ़ घंटे तक खेत में छिपकर अपनी जान बचाई।
सुनील का रिश्तेदारों से है जमीन को लेकर विवाद
सुनील आहूजा नोएडा में सूरजपुर इलाके का रहने वाला है। उसका रिश्तेदारों से करोड़ों रुपये की जमीन की हेराफेरी को लेकर विवाद चल रहा है। इस विवाद में सुनील की पत्नी और बेटा पहले से जेल में बंद हैं। रिश्तेदार दबाव बना रहे हैं कि सुनील या तो जमीन लौटाए या फिर उनका रुपया वापस करे। दबाव बढ़ने पर सुनील ने नोएडा छोड़ दिया और ईलना गांव में आकर रहने लगा। ईलना गांव के प्रधान योगेंद्र सिंह से उसकी मित्रता बताई जाती है। मुंबई पुलिस ने जब दबिश दी तो सुनील, प्रधान योगेंद्र के घर पर ही मौजूद था। दो माह पहले भी सुनील का रिश्तेदारों से इसे लेकर विवाद हुआ था।
मुंबई पुलिस ने दर्ज नहीं कराई आमद
मुंबई पुलिस ने स्थानीय थाने में बिना आमद दर्ज कराए गांव में दबिश दी थी। जब हंगामा हुआ और फायरिंग हुई तब स्थानीय पुलिस को सूचना मिली।
मेरे बेटे पर गोली चलाई : प्रधान
ग्राम प्रधान योगेंद्र सिंह का कहना है कि वह बैठक में शामिल होने के लिए शुक्रवार को ब्लॉक गए थे। प्रधान का आरोप है कि उनकी अनुपस्थिति में मुंबई पुलिस के दो जवान और दिल्ली के रहने वाले चार लोग उनके घर में घुस आए। चारों के पास हथियार भी थे। घर में घुसते ही मेरे बेटे पर गोली चलाई, जिसमें वह बाल-बाल बचा। आरोप है कि दो माह पहले भी मुंबई पुलिस के साथ मौजूद चारों लोग गांव में आए थे और फायरिंग की थी। प्रधान ने कहा कि उनके घर से कोई तमंचा बरामद नहीं हुआ।